गोंडा। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेसियों ने गुरुवार को नारेबाजी व प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा। कांग्रेसियों ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की है। वहीं, इसी समस्या के विरोध में भारतीय किसान क्रांति यूनियन ने भी मांगपत्र प्रधानमंत्री को भेजा है।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. बीएल चौबे के साथ मिलकर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल रहमान, पीसीसी सदस्य ओबैदुर्रहमान, शिवकुमार, कुतुबुद्दीन खां डायमंड, जमील खां, इरफान राइनी, ओमप्रकाश सोनकर, तालिब रईस आदि कांग्रेसियों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों का कहना था कि एक राष्ट्र, एक कर की बात करने वाली भाजपा अब आखिरकार इसकी बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण क्यों नहीं लगा पा रही। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आमजन में हाय-तौबा मची हुई है। पेट्रोल व डीजल, उत्पाद शुल्क व वैट लगने से इसकी कीमतों में इजाफा हो रहा है। किसान इसी के चलते अपने खेतों की सिंचाई भी नहीं कर पा रहा है, इसलिए इसको जल्दी से जल्दी जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
उधर, इसी मुद्दे पर ज्ञापन भारतीय किसान क्रांति यूनियन ने प्रधानमंत्री को भेजकर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने की मांग की है। यूनियन के भूपेंद्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि एक तो किसान गन्ना मूल्य भुगतान रुक जाने से वैसे ही भुखमरी की कगार पर है, ऊपर से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में भी बेतहाशा वृद्धि का दौर जारी है। जिस पर तत्काल रोक लगाया जाना बेहद जरूरी है।