बहराइच। जिले के वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों ने बकाया भुगतान को लेकर शनिवार को बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर तालाबंदी की। इससे सुबह से दोपहर तक दो मूल्यांकन केंद्रों पर अफरातफरी की स्थिति रही। डीआईओएस ने पहुंचकर समझाया। तब आंदोलित शिक्षक शांत हुए।
दोपहर बाद शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज हो सकी। मूल्यांकन कार्य नहीं हुआ। रविवार सुबह से मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए शहर में दो केंद्र बनाए गए हैं। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शामिल हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाना है। बोर्ड की निर्धारित तिथि के तहत शनिवार सुबह 10 बजे से परीक्षक बने शिक्षकों को दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थिति दर्ज करानी थी। नमूने के तौर पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना था।
लेकिन सुबह 10 बजे परीक्षकों के पहुंचने से पहले ही जिले के वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षक मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंच गए। वित्तविहन महासभा के जिलाध्यक्ष अजय सिंह की अगुवाई में शिक्षकों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर तालाबंदी कर दी।
मूल्यांकन कार्य की ड्यूटी के लिए पहुंचे शिक्षक भी मूल्यांकन केंद्रों पर प्रवेश नहीं कर सके। आंदोलन की सूचना पाकर दोपहर में जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र कुमार पांडेय ने दोनों केंद्रों पर पहुंचकर आंदोलित शिक्षकों को समझाकर शांत किया। इसके बाद मूल्यांकन कार्य के लिए तैनात किए गए शिक्षकों की हाजिरी लग सकी।
वित्तविहीन महासभा के जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय रोकने, बकाया मूल्यांकन पारिश्रमिक भुगतान न करने समेत अन्य लंबित समस्याओं को लेकर तालाबंदी की गई। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री प्रभाकर दत्त बाजपेई, लाल प्रताप मिश्र, बृजेंद्र शुक्ला, अनिल कुशवाहा, जगदीश सिंह आदि मौजूद रहे।
आज से होगा मूल्यांकन कार्य
वित्तविहीन शिक्षकों की कुछ समस्याएं थीं। शिक्षकों से वार्ता कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आश्वासन दिया गया है। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समस्या हल कराएंगे। रविवार से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य सुचारु तरीके से होगा।
राजेंद्र कुमार पांडेय, डीआईओएस