बहराइच। तराई में ठंडक कम होने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को पारा लुढ़क कर तीन डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। दोपहर में भी घना कोहरा छाया रहा। इससे लोग वाहनों की लाइट जलाकर चले। पछुआ हवा तेज गति से चलीं, जिससे ठिठुरन व गलन बढ़ी है। मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को सबसे अधिक मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
तराई में मौसम का मिजाज लोगों को बेहाल किए हुए है। रविवार सुबह फिर लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। सुबह से घना कोहरा छाया रहा। दोपहर 12 बजे तक घने कोहरा छाया रहा। इसके कारण शहर में भी वाहन दोपहर में लाइट जलाकर सड़कों पर रेंगते नजर आए।
इसके बाद धूप निकली लेकिन पूरे दिन जिला धुंध के आगोश में रहा। बर्फीली पछुआ हवा चलती रही, जिससे दिन ठिठुरते और सिहरते हुए बीता। मजदूरी पेशा वर्ग के लोग घरों से निकले लेकिन सभी गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
अभी दो दिन तक राहत की उम्मीद नहीं
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि बहराइच का अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस रेकार्ड हुआ है।
शनिवार को न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री पर था। नौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बर्फीली पछुवा हवा चल रही है, जिससे मौसम में सुधार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि दो दिन तक अभी मौसम में उतार चढ़ाव के संकेत मिल रहे हैं।
माहू रोग को लेकर सतर्क रहें किसान
बदली के कारण आलू, सरसों और गेहूं की फसल के लिए मुश्किल बढ़ गई है। फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी व वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि अगर तीन चार दिन और बदली रही तो सरसों में माहू रोग का प्रकोप शुरू हो जाएगा। किसान सतर्क रहें। आलू में झुलसा और गेहूं में गेरुआ का प्रकोप फसल को नुकसान पहुंचा सकता है।