परशदेपुर (रायबरेली)। पूरे कुम्हारन गांव के मजरा हाजीपुर के ग्रामीणों ने सोमवार को परशदेपुर चौकी का घेराव किया। महिलाओं व पुरुषों ने फर्जी मामले में लोगों को जेल भेजने पर नाराजगी जताई। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि जिला मुख्यालय पर बैठे पुलिस अफसर उनकी व्यथा नहीं सुन रहे हैं। सेटिंग-गेटिंग के चलते पुलिस ने उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी, जबकि दूसरे पक्ष का केस तुरंत दर्ज कर लिया। सीओ व एसओ ने न्याय दिलाने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
परशदेपुर चौकी क्षेत्र के पूरे कुम्हारन गांव के मजरा हाजीपुर निवासी श्यामकली ने चौकी में तहरीर देकर बताया था कि शनिवार देर शाम गांव के रामपियारे, रामखेलावन, सुरेंद्र कुमार, गोविंद कुमार, कंचन, सोना व लालती बनाकर आए और घर के सामने बंधी भैंस को खोलकर भगा दिया। जब इसका विरोध किया तो सभी ने लाठी-डंडे से पीटा। बीचबचाव करने आए सुनील व उदयराज को भी पीटकर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद इन लोगों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की। घर की महिलाओं से गाली गलौज की। श्यामकली का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने अपने घर में खुद आग लगाकर आठ लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखाकर जेल भिजवा दिया और हमने जो तहरीर दी पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
सोमवार को भाजपा नेता हरेंद्र सिंह की अगुवाई में गांव की रंजना देवी, रेश्मा देवी, पथराइन सहित तमाम महिलाएं और पुरुष पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस को खरी खोटी सुनाई। मामला बढ़ते देख चौकी प्रभारी श्रीराम पांडेय ने पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीणा को घटना की जानकारी दी। एसपी ने मौके पर सलोन सीओ शशिकांत यादव व एसओ राम आशीष उपाध्याय को भेजा। सीओ ने लोगों से पूछताछ की और गांव में जाकर ग्रामीणों के बयान लिए। श्यामकली की तहरीर को लेकर मुकदमा दर्ज करवाने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ। चौकी इंचार्ज श्रीराम पांडेय ने बताया कि श्यामकली की तहरीर के आधार पर महिलाओं से छेड़छाड़, मारपीट व बलवा का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीओ का कहना है कि मामले में कार्रवाई की जाएगी।