अंबेडकरनगर। मदरसा बोर्ड के पोर्टल पर आवश्यक जानकारियां न देने वाले मदरसा आधुनिकीकरण योजना का लाभ ले रहे 52 मदरसों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। फरवरी में संबंधित मदरसों को नोटिस जारी कर आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद जवाब न देने पर अब शीघ्र ही दूसरा नोटिस जारी किए जाने की तैयारी विभाग कर रहा है। विभाग के अनुसार 90 दिन में तीन नोटिस जारी करने पर भी यदि आवश्यक जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई गईं तो न सिर्फ पूर्व में भेजी गई शासकीय धन की वसूली की जाएगी, बल्कि इन मदरसों की मान्यता भी रद्द कर दी जाएगी। साथ ही संबंधित पर केस भी दर्ज कराया जाएगा।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद योगी सरकार ने फर्जी ढंग से संचालित मदरसों पर अंकुश लगाने के लिए मदरसा बोर्ड के पोर्टल पर आवश्यक जानकारियां अपलोड करने का निर्देश दिया था। इसमें मान्यता की स्थिति, भवन की स्थिति, शिक्षकों का बायोडाटा व छात्र-छात्राओं की संख्या आदि जानकारियां देनी थीं। बताते चलें कि जिले में मौजूदा समय में 544 मदरसे संचालित हैं। इसमें 344 मदरसे ऐसे हैं, जो आधुनिकीकरण योजना से आच्छादित हैं। इस योजना के तहत केंद्र से तीन शिक्षकों को 12 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय व प्रदेश सरकार की ओर से तीन हजार रुपये अंशदान के रूप में दिया जाता है। उधर, शासन के निर्देश के बाद मदरसा पोर्टल पर मदरसों ने अपनी-अपनी जानकारियां अपडेट कराईं। बीते दिन जिला अल्पसंख्यक कार्यालय ने सभी 344 के पोर्टल को लॉक कर भी दिया।
इस बीच छानबीन में पाया गया कि जिन 344 मदरसों ने पोर्टल पर आवश्यक जानकारियां अपडेट की हैं, उनमें 52 ऐसे हैं, जिन्होंने समुचित जानकारियां नहीं दी हैं। इस पर संबंधित मदरसों को 24 फरवरी को नोटिस जारी कर कहा गया कि जो जानकारियां आधी-अधूरी हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। नोटिस के बावजूद किसी भी मदरसा प्रबंधक की ओर से जानकारियां विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गईं। इस पर अब एक बार फिर से विभाग संबंधित मदरसों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
दर्ज कराया जाएगा केस
आवश्यक जानकारियां न उपलब्ध कराने वाले मदरसा मिर्जा गालिब आलापुर, जामिया हनफिया दारुल बुरान जमालपुर, मदरसा फैजे मिशन बसखारी, अबुलकलाम आजाद अकबरपुर, मदरसा चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल शहजादपुर समेत 52 मदरसों को दूसरा नोटिस जारी किया जा रहा है। यदि इस पर भी जवाब नहीं दिया गया, तो शीघ्र ही तीसरा नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि जानकारी नहीं दी गई तो संबंधित मदरसों की न सिर्फ मान्यता रद्द की जाएगी, बल्कि उनके विरुद्ध केस भी दर्ज कराया जाएगा। साथ ही आरसी के माध्यम से पूर्व में दी गई रकम की वसूली भी की जाएगी।
- जगन्नाथ पांडेय, प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी