शिक्षा में सुधार के लिए सीडीओ व एसडीएम सदर की अभिनव पहल
गोंडा। जिले के राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी व बदहाल शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जिले की दो महिला आईएएस अफसरों ने अभिनव पहल की है। इस पहल के तहत दोनों अफसरों ने मुख्यालय स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के बच्चों को पढ़ाने का फैसला किया है।
सीडीओ अंग्रेजी व गणित तथा एसडीएम सदर (दोनों आईएएस अफसर) कॉलेज में बच्चों को भौतिक विज्ञान पढ़ाएंगी। अफसरों की इस पहल से स्कूल में अधूरा पड़ा पाठ्यक्रम तो पूरा होगा ही बच्चों को कॅरिअर गाइडेंस का लाभ भी मिलेगा। गुरुवार को दोनों महिला अफसरों ने डीएम की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने इस प्रस्ताव की जानकारी दी।
शहर का फखरुद्दीन राजकीय इंटर कॉलेज जिले के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों में से एक रहा है। मगर कुछ वर्षों से ये संस्थान शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। शिक्षकों के स्वीकृत 35 पदों के सापेक्ष इस कॉलेज में महज 10 शिक्षक की बचे हैं। इन्हीं के भरोसे जैसे-तैसे शिक्षा की गाड़ी आगे खींची जा रही है।
कॉलेज में दो वर्षों से प्रधानाचार्य का पद भी खाली है। मुंउेरवा माफी स्थित राजकीय हाईस्कूल के प्रधानाचार्य अरुण कुमार तिवारी यहां के कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाए गए हैं। उनके मुताबिक वर्तमान समय में कॉलेज में हिंदी, अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, अर्थशाष्त्र, पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद खाली हैं।
शिक्षकों की कमी से आर्ट फैकल्टी पूरी तरह खत्म हो चुकी है। साथ ही नागरिक शास्त्र व अर्थशास्त्र जैसे विषयों को पढ़ने के लिए कॉलेज में दाखिले ही नहीं किए गए। दस शिक्षकों के सहारे ही कॉलेज में पंजीकृत करीब पांच सौ छात्र-छात्राओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी है।
ऐसे में अधिकतर विषयों के कोर्स अधूरे पड़े हैं। इस समस्या को देखते हुए जिले की दो महिला आईएएस अफसरों ने अभिनव पहल की है। इसके तहत सीडीओ (आईएएस अफसर) दिव्या मित्तल राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं को गणित व अंग्रेजी पढ़ाएंगी। जबकि उपजिलाधिकारी सदर (आईएएस अफसर) अर्चना वर्मा बच्चों को भौतिक विज्ञान पढ़ाएंगी।
इन दोनों अफसरों की इस पहल की जानकारी गुरुवार को जिलाधिकारी जेबी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दी। उन्होंने बताया कि, दोनों अफसर अपनी सुविधा के मुताबिक कॉलेज में क्लास ले सकेंगी। अफसरों की इस पहल से कॉलेज में अधूरे पड़े कोर्स तो पूरे ही होंगे बच्चों को बेहतर कॅरिअर के लिए मार्गदर्शन भी मिलेगा।
कई और अफसर पढ़ाने को तैयार
एसडीएम सदर अर्चना वर्मा ने अपने इस शैक्षिक अभियान से जुड़ने के लिए जिले के अन्य अफसरों से भी आगे आने की अपील की है। इसके लिए उन्होंने माई ऑफिसर माई मेंटर नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है।
एसडीएम की इस पहल की सराहना करते हुए जिले के एएसपी हृदयेश कुमार, एसडीएम तरबगंज डॉ. अमरेश मौर्या, श्रमायुक्त शमीम अख्तर, एआरटीओ सर्वेश गौतम, तहसीलदार मनकापुर मदनमोहन समेत सदर, मनकापुर व तरबगंज के नायब तहसीलदार ने भी कॉलेज में पढ़ाने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है।
मोटिवेशनल क्लास लेंगे कमिश्नर व डीएम
दोनों महिला अफसरों की इस पहल की सराहना करते हुए देवीपाटन मंडल के आयुक्त एसवीएस रंगाराव व जिलाधिकारी जेबी सिंह ने भी समय निकालकर इस कॉलेज में बच्चों को मोटिवेट करने का फैसला किया है। कमिश्नर व डीएम भी कॉलेज में मोटिवेशनल क्लास लेकर बच्चों का उत्साहवर्धन करेंगे।
जनसाधारण से भी सहयोग की अपील
उपजिलाधिकारी सदर अर्चना वर्मा ने जिले के अफसरों, उनकी पत्नियों, सेवानिवृत्त शिक्षकों के अलावा वांछित योग्यता रखने वाले जन सामान्य से भी इस मुहिम से जुड़ने की अपील की है। एसडीएम ने कहा कि, अगर लोग स्वेच्छा से इस पहल में शामिल होते हैं तो बच्चों को बेहतर फायदा मिल सकेगा।