अंबेडकरनगर। पांच वर्ष पूर्व हुए हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश शंकरलाल ने पिता व उसके चार पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। उधर, छेड़छाड़ के एक मामले में दो आरोपियों को चार-चार वर्ष की सजा विशेष न्यायाधीश पाक्सो सर्वेश कुमार ने सुनाई है।
हत्या से जुड़ा मामला हंसवर थाना क्षेत्र का है। 23 अप्रैल 2012 को हंसवर थाने में दर्ज कराए केस में वादी सुरेश कुमार ने कहा था कि उसकी बहन सावित्री भूसा लेकर खेत से आ रही थी, तभी रास्ते में नंदलाल सिंह के दो पुत्रों केसरी व रमाशंकर ने उसे पकड़ लिया और अभद्रता की। गुहार सुनकर पिता रामफेर दौड़े तो वे दोनों उसे मारने लगे। बाद में कई अन्य लोग भी पहुंच गए। उनके पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में नंदलाल सिंह के अलावा उनके चार पुत्रों केसरी सिंह, रमाशंकर सिंह, अजय सिंह व जयराम सिंह के विरुद्ध केस दर्ज किया। सभी आरोपियों पर हत्या व अन्य धाराओं के अलावा एससी-एसटी एक्ट भी लगाया गया। पुलिस ने सभी के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर कोर्ट भेज दिया। यह मामला अब सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। इसमें अपर सत्र न्यायाधीश शंकरलाल ने मामले की परिस्थितियों के अनुरूप पिता समेत पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। दो अभियुक्तों पर 30-30 हजार रुपये तथा तीन पर 20-20 हजार रुपये का प्रतिकर मृतक की पुत्री सुमन को दिए जाने का आदेश दिया गया। उधर, विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सर्वेश कुमार ने अहिरौली थाने से जुड़े छेड़छाड़ के एक मामले में दो आरोपियों जुनैद व सलीम को चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।