बाराबंकी। शिक्षा क्षेत्र में नई क्रांति लाने के लिए शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार प्रदर्शनी का आयोजन जीआईसी मैदान स्थित आडीटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में नवाचार से प्रसिद्ध हासिल करने वाले शिक्षकों ने अपनी सोच व शिक्षा में प्रयोग की गई तकनीकी को शिक्षकों से साझा किया। कार्यक्रम अरविंदो सोसाइटी व शिक्षाविभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। प्रदर्शनी में भाषा, सामुदायिक सहभागिता व कबाड़ से जुगाड़ आदि के स्टाल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक डॉ. अनिरबान ने कहा कि शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार का प्रयोग कर शिक्षक शिक्षा क्षेत्र में नई क्रांति ला रहे हैं। कहा कि नए भारत के निर्माण का जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया है उसका माहौल यहां से दिखाई दे रहा है। तीन शिक्षकों को मिला राष्ट्रपति पुरस्कार इस बात का प्रमाण है। इसी का नतीजा है कि अन्य देश भी भारत को मॉडल के तौर पर देखने लगे हैं। भाजपा सांसद प्रियंका सिंह रावत ने कहा कि पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया यह सोंच शिक्षक ही बच्चों के अंदर उत्पन्न कर सकता है। जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार कार्यक्रम निश्चित ही शिक्षा को एक नया आयाम देेगा। भाजपा प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र प्रदेश दोनों सरकारों की प्राथमिकता में शिक्षा व्यवस्था है। बीएसए पीएन सिंह ने कहा कि स्कूलों में कांवेंट जैसी यूनीफार्म, बैग देकर सरकार से शिक्षा क्षेत्र में काफी बदलाव किए हैं। अब सर्दियों में बच्चों को एक जोड़ी जूता, दो जोड़ी मोजे के साथ ही स्वेटर देने की तैयारी है। कार्यक्रम के दौरान 30 बच्चों में बैग वितरण किया गया। आईसीटी अवार्ड पाने वाले शिक्षक आशुतोष आनंद अवस्थी, सुशील कुमार व संपन्न निगम ने अपने प्रयोगों को अन्य शिक्षकों के साथ साझा किए। सोसाइटी के डायरेक्टर संभ्रांत सिंह द्वारा सभी शिक्षकों को सम्मानित किया। इस मौके पर रामनगर विधायक शरद अवस्थी, साकेंद्र प्रताप वर्मा, उपेंद्र सिंह रावत, बैजनाथ रावत आदि मौजूद रहे।