केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के आश्वासनों के बाद लंबे अरसे
से पैसे के लिए अटकी पड़ी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों के
आकार लेने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
जयराम रमेश के आश्वासन के बाद सूबे के
अफसरों ने भी इसके लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
जयराम रमेश ने हाल ही में उन्नाव जिले का दौरा किया था। इस बीच प्रमुख
सचिव ग्राम्य विकास अरुण सिंघल ने उनसे मुलाकात कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क
योजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की थी।
रमेश ने
पीएमजीएसवाई के लिए स्वीकृत 3400 करोड़ रुपये में से आधी रकम जल्द जारी
कराने और बुंदेलखंड में सड़कों के चयन के लिए मानक शिथिल करने जैसी मांगों
पर सहमति जताई थी।
इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने रमेश के आश्वासन के
हिसाब से कार्यवाही के लिए दिल्ली में प्रयास तेज कर दिया है।
250 की आबादी पर बुंदेलखंड में बनें गांव केंद्रीय
मंत्री के सामने बुंदेलखंड में बसावटें दूर-दूर और आबादी घनत्व कम होने की
वजह से सड़कों के चयन में मुश्किलों का भी मामला उठा।
बताया गया कि राज्य
के अन्य क्षेत्रों की तरह 500 की आबादी पर संपर्क मार्गों के लिए सड़कों के
चयन संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में 500 की आबादी की बजाय 250 की आबादी
पर सड़कों के चयन की मांग की गई।
मंत्री ने मांग को तर्कसंगत मानते हुए इस
पर विचार का आश्वासन दिया है। इसके लिए 424 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।