17 नए कंटेनमेंट जोन बने, बढ़ी मुस्तैदी, 12 परिवारों में दो-दो और पांच में दो से अधिक मिले मरीज
राजधानी में सोमवार को 12 परिवारों में दो-दो कोरोना मरीज मिले और पांच परिवारों में दो से अधिक पॉजिटिव निकले। इसके बाद 17 नए कंटेनमेंट जोन बनाकर प्रशासन को सूची भेज दी गई।
मरीजों के घरों के आसपास निगरानी कड़ी की जा रही है, ताकि संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके। जिस इलाके में कोरोना के ज्यादा मरीज मिल रहे, वहां माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है।
अभी तक ऐसे 50 कंटेनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग प्रभारी डॉ. एमके सिंह ने बताया कि 17 नए कंटेनमेंट जोन में नगर निगम और पुलिस बैरिकेडिंग सहित सख्ती करेगी। मरीजों के घरों के आसपास कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कर करीब डेढ़ सौ लोगों के सैंपल लिए गए।
मकान के बाहर चिपकाया स्टीकर
चिनहट की आदर्श कॉलोनी में एक ही परिवार के दो लोगों के पॉजिटिव आने पर मकान के बाहर स्टीकर चिपका दिया गया। हालांकि, अभी तक बैरिकेडिंग नहीं की गई है। चेतावनी दी गई कि पड़ोसियों ने बाहर निकलने की शिकायत की तो बांस-बल्ली लगाकर घर को बंद कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को यहां 37 लोगों के सैंपल लिए थे, लेकिन सोमवार को कोई पॉजिटिव नहीं मिला।
सैंपल निगेटिव निकलने से राहत
अलीगंज सेक्टर-सी में दो परिवार के एक-एक सदस्य संक्रमित निकले। इन परिवारों और बगल में रहने वालों के सैंपल लिए गए हैं। यहां 88 लोगों के सैंपल लिए गए थे। दूसरे दिन सभी निगेटिव निकले तो राहत मिली। दोनों मकानों पर स्टीकर चिपकाया गया है, लेकिन अभी बैरिकेडिंग नहीं की गई है।
हॉटस्पाट पर की जा रही बैरिकेडिंग
नगर निगम ने अब तक शहर में हॉटस्पॉट इलाकों के चिह्नित 57 स्थानों पर बल्लियों से बैरीकेडिंग की ह,ै ताकि आवागमन बंद रहे। अपर नगर आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिन स्थानों की सूची भेजी जा रही है, बल्लियों को लगवाया जा रहा है।
162 नए मरीज मिले
राजधानी में सोमवार को कोेरोना के 162 नए मरीज मिले, जबकि 214 डिस्चार्ज हुए हैं। वहीं, दो मरीजों की मौत हो गई है। इन दिनों 2509 एक्टिव केस हैं। टीमों ने 6554 लोगों के सैंपल लिए हैं। कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 78,876 हो गई। मंगलवार को आलमबाग में 15, आशियाना में 14, चौक में 10, गोमतीनगर में 14, रायबरेली रोड से 10, जानकीपुरम में 11 मरीज मिले।
लोहिया संस्थान के चीफ फार्मासिस्ट की मौत
कोरोना को मात देने के बाद लोहिया संस्थान के फार्मासिस्ट शरण श्रीवास्तव जिंदगी की जंग हार गए। वह 28 नवंबर को संक्रमित हुए थे। इलाज के बाद सात दिसंबर को उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन गंभीर रूप से निमोनिया होने से उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। लोहिया में इलाज के दौरान सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। लोहिया कर्मचारी अस्तित्व बचाओ मोर्चा के पदाधिकारियों ने शोक सभा की। सिविल अस्पताल में सुनील यादव के नेतृत्व में शोक सभा की गई।