लखनऊ। चिनहट के मटियारी स्थित बालाजीपुरम कॉलोनी में डॉ. संदीप जायसवाल को गोली मारने के मामले में पुलिस को 17 मिनट का सीसीटीवी फुटेज मिल गया है। इसमें करीब 15 मिनट तक डॉ. संदीप व हमलावरों के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग हैं। वहीं दूसरी ओर यह भी पता चला है कि गोली की आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाले एक वकील के परिवारीजनों ने बदमाशों पर फायरिंग की थी। फायरिंग होता देख बदमाश वहां से भाग निकले थे। हालांकि जवाबी फायरिंग में किसी को गोली नहीं लगी। इसके बाद वकील ने ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
पुलिस के मुताबिक, डॉ. संदीप जायसवाल की एसयूवी को हमलावरों ने ओवरटेक कर रोका था। एसयूवी रुकने के बाद डॉ. संदीप और हमलावरों में काफी देर तक बातचीत होती रही। इस दौरान कहासुनी हुई। इसके बाद हमलावरों में शामिल एक युवक ने पिस्तौल से उनके सिर में गोली मार दी। गोली मारने के बाद उन पर ईंट व पत्थर से हमला किया गया। इसका खुलासा पुलिस के हाथ लगे 17 मिनट के सीसीटीवी फुटेज से हुआ है। इसमें करीब 15 मिनट तक डॉ. संदीप व हमलावरों के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग हैं। फुटेज के आधार पर पुलिस हमलावरों की फार्रच्यूनर के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। वहीं एक युवती से भी पूछताछ की गई है। पुलिस इस मामले में हमलावरों के करीब होने का दावा भी कर रही है।
डॉ. संदीप के जबड़े में फंसी है गोली
डॉ. संदीप जायसवाल का इंदिरानगर के सर्वोदयनगर में अस्पताल है। उन्होंने अपने बेटे के नाम पर हर्षित ट्रॉमा सेंटर खोला है। मंगलवार देर रात करीब 11.45 बजे वह अपने अस्पताल से वापस घर जा रहे थे। घर से करीब 300 मीटर दूरी पर स्थित खाली प्लॉट के पास फार्रच्यूनर सवार बदमाशों ने डॉ. संदीप की एसयूवी को ओवरटेक कर रोक लिया। पहले उनके एसयूवी का शीशा तोड़ा। जब वह बाहर निकलकर भागने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच उन पर फायरिंग कर दी। बदमाशों की गोली डॉ. संदीप के जबड़े में फंसी है। वारदात स्थल से चंद कदमों की दूरी पर एक वकील का मकान है। गोली चलने की आवाज सुनकर लगा कि कोई बड़ा मामला हो गया है। वह लाइसेंसी असलहे के साथ बालकनी में पहुंचे। वकील ने बदमाशों को डराने के लिए हवाई फायरिंग शुरू कर दी। अचानक से एक मकान से गोली चलता देख बदमाश भाग गए। पुलिस के मुताबिक, डॉ. संदीप को बचाने के लिए वकील के घर से करीब चार से पांच राउंड फायरिंग की गई थी। इसके बाद वकील ने ही पुलिस कंट्रोल रूम और डॉ. संदीप के परिवारीजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें लोहिया अस्पताल और फिर ट्रॉमा सेंटर भेजा जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
पत्नी ने अपोलो अस्पताल में कराया भर्ती
प्रभारी निरीक्षक चिनहट धनंजय पांडेय के मुताबिक, डॉ. संदीप के परिवार में पत्नी संगीता, बेटा हर्षित और बेटी एंजल हैं। मंगलवार रात को वारदात की सूचना मिलने के बाद पत्नी बदहवाश हो गई। किसी तरह वह लोहिया अस्पताल पहुंचीं। वहां से ट्रॉमा सेंटर पति के साथ गई। देर रात तक इलाज में संतुष्टि न मिलने पर बुधवार तड़के उन्होंने डॉ. संदीप को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनकी कोविड की जांच हुई है। रिपोर्ट देर शाम तक नहीं आई थी जिसके कारण ऑपरेशन नहीं हो सका था। अभी भी गोली उनके जबड़े और गले के बीच में फंसी है।
अस्पताल में विवाद, प्रेम प्रसंग या फिर प्रतिस्पर्धा
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, डॉ. संदीप का अस्पताल सर्वोदयनगर में है। वहां कोविड संक्रमण के दौरान कई मरीज भर्ती हुए थे। शुरूआती पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल में मरीजों से इलाज के खर्चे को लेकर कई बार विवाद हुआ। कुछ तीमारदारों ने उनके साथ बदसुलूकी भी की थी। इसी में कुछ ने धमकी दी थी। ऐसे कई मरीजों के तीमारदारों की सूची पुलिस ने तैयार की है जिनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं एक युवती से प्रेम संबंध का भी मामला सामने आया है जिसमें हमले की आशंका है। पुलिस युवती और उसके करीबियों के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर रही है। एडीसीपी के मुताबिक, इस हमले में एक और बिंदु पर जांच की जा रही है। आशंका है कि डॉ. संदीप पर हमला निजी अस्पतालों की आपसी प्रतिस्पर्धा में हुआ है। इस बिंदु की जांच के लिए पुलिस ने आसपास के कई निजी अस्पतालों और उनमें मरीज पहुंचाने वाले दलालों की सूची तैयार कर ली है। उनसे भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, डॉ. संदीप अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों से व्यवहार और रुपये के लेनदेन को लेकर विवादित रहे हैं। इसे लेकर कई बार उनका तीमारदारों से विवाद हो चुका है।
जेसीपी सहित कई अफसर पहुंचे
बुधवार दोपहर करीब एक बजे संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी, एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आबिदी, एसीपी विभूतिखंड प्रवीण मलिक, इंस्पेक्टर चिनहट धनंजय पांडेय टीम सहित वारदात स्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने आसपास के इलाकों का मुआयना किया। इस दौरान कॉलोनी के कई लोगों से पूछताछ भी की गई। पुलिस टीम ने बदमाशों के आने जाने के रास्ते के बारे में भी जानकारी हासिल की। वहीं पुलिस की एक टीम अयोध्या हाईवे से वारदात स्थल के बीच लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में लगी रही।
10 किमी. तक किया पीछा, फिर मारी गोली
डॉ. संदीप का अस्पताल सर्वोदयनगर में हैं। वहीं उनका आवास करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर चिनहट के मटियारी स्थित बालाजीपुरम में है। मंगलवार देर रात डॉ. संदीप पर हमला करने वाले बदमाशों ने उनके अस्पताल से पीछा करना शुरू किया था। करीब 10 किलोमीटर पीछा किया। इसके बाद जब वह घर के लिए अयोध्या हाईवे से मुड़ने के बाद आधा किलोमीटर अंदर पहुंचे तो फिर ओवरटेक किया। इसके बाद गोली मारी। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने डॉ. संदीप के आने-जाने के रास्ते की पूरी जानकारी हासिल की थी। जहां हमला किया था, उसके आसपास खाली प्लॉट है। वारदात स्थल से दो-तीन प्लॉट छोड़कर पहले और बाद में मकान बने हैं। बदमाशों ने इसकी भी रेकी की थी कि सीसीटीवी कैमरे की नजर में हमला न आए। इसके लिए उन्होंने घर के करीब का स्थान चुना था। लेकिन बदमाशों से एक चूक हो गई। जहां हमला हुआ था, वहीं पास के एक मकान में सीसीटीवी कैमरा दीवार से सटकर लगा हुआ था जिसमें उनकी फार्रच्यूनर की तस्वीर कैद हो गई। हालांकि हाई रेजोल्यूशन का कैमरा न होने के कारण नंबर नहीं कैद हो सका, सिर्फ गाड़ी आती हुई दिखी है।
एक करीबी से विवाद को लेकर भी हो रही जांच
पुलिस के अनुसार, अस्पताल में पता चला है कि डॉ. संदीप एक परिचित को काफी तवज्जो देते थे। इसे लेकर भी कुछ लोगों से विवाद हुआ था। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, हमलवार पेशेवर नहीं थे। पेशेवर हमला करने वाले व साजिश के तहत हत्या करने के लिए जो भी बदमाश आते हैं, वह हमेशा बाइक से रहते हैं। माना जा रहा है कि मंगलवार को ही किसी बात पर हमलावरों से विवाद हुआ था। इसके बाद संदीप पर हमला किया गया।