फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनएचएम में 17,291 पदों पर भर्ती : लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, एएनएम व स्टाफ नर्स के लिए 12 तक ऑनलाइन आवेदन

Tue, 29 Nov 2022 01:40 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

इनमें नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सोसाइटी, मैटरनल हेल्थ, कम्युनिटी प्रोसेस, आरबीएसके, चाइल्ड हेल्थ, पीएम अभीम, 15 फाइनेंस कमीशन, नेशनल प्रोग्राम, नॉन कम्युनिकेबल डिजीज, ब्लड बैंक और ट्रेनिंग प्रोग्राम शामिल हैं।
विज्ञापन
NHM Recruitment - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) में 17,291 पदों पर भर्ती के लिए सोमवार को आवेदन शुरू हो गए। यह भर्तियां लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, एएनएम, स्टाफ नर्स सहित अन्य पदों के लिए मानदेय पर की जाएंगी।  अभ्यर्थी 12 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।  

विज्ञापन


एनएचएम के तहत प्रदेश भर के अस्पतालों के लिए 12 योजनाओं में भर्तियां निकाली गई हैं। इनमें नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सोसाइटी, मैटरनल हेल्थ, कम्युनिटी प्रोसेस, आरबीएसके, चाइल्ड हेल्थ, पीएम अभीम, 15 फाइनेंस कमीशन, नेशनल प्रोग्राम, नॉन कम्युनिकेबल डिजीज, ब्लड बैंक और ट्रेनिंग प्रोग्राम शामिल हैं। भर्तियों के लिए जिलेवार पद भी जारी किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा करीब 4600 पद स्टाफ नर्स के हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इन भर्तियों में पूरी पारदर्शिता के निर्देश दिए हैं। 

यह भर्ती परीक्षा के आधार पर होगी। 100 नंबर के प्रश्नों का जवाब देना होगा। कंप्यूटर टेस्ट पास करना अनिवार्य है। आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आवेदकों को किसी भी प्रकार का भर्ती शुल्क जमा नहीं करना होगा।
विज्ञापन


अलग-अलग मानदेय
जिलेवार निकाली गई भर्ती में हर पद के लिए अलग-अलग मानदेय तय किए गए हैं। एक ही पद के लिए अलग-अलग योजना में अलग-अलग मानदेय है। जैसे एनयूएचएम में स्टाफ नर्स का मानदेय 19,101 रुपये है तो मैटरनल हेस्थ में 30 हजार रुपये रखा गया है। इसी तरह अन्य पदों के लिए 12 हजार से 30 हजार के बीच मानदेय रखा गया है।

अल्पसंख्यक विभाग में कर्मचारियों की भर्ती जल्द
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि जल्द ही विभाग में सीधी भर्ती के रिक्त पदों को भरा जाएगा। इसके लिए उन्होंने अफसरों को अधियाचन भेजने के निर्देश दिए हैं। वे सोमवार को विधानभवन स्थित अपने कक्ष में विभागीय कामकाज की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कक्षा-1 से 8 तक के छात्रों की छात्रवृत्ति समाप्त करने का फैसला केवल मदरसों के लिए ही नहीं बल्कि सभी संस्थानों के लिए है। यह व्यवस्था केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में लागू की है। क्योंकि आरटीई के तहत छात्रों से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है, इसलिए छात्रवृत्ति की जरूरत अब नहीं रह गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें