लखनऊ। मऊ में एक युवती की संदिग्ध हालात में मौत से आक्रोशित माता-पिता ने अन्य लोगों के साथ बृहस्पतिवार शाम कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के सरकारी आवास पर टमाटर फेंककर प्रदर्शन किया। मां-बेटी से दरिंदगी करने वाले प्रधान व उसके साथियों की पुलिस से पैरवी करके बचाने का आरोप लगाया। हजरतगंज पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, राजभवन कॉलोनी स्थित चौहान के आवास के सामने प्रदर्शन व टमाटर फेंककर हंगामे की सूचना पर दो थानों की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने हंगामा कर रहे मऊ निवासी ओमप्रकाश, वीरेंद्र चौहान, जौनपुर के अनिल चौहान, सूरज चौहान, गाजीपुर जिले के ओमप्रकाश, ओंकार चौहान, बलिया के ओमप्रकाश चौहान व अंबेडकरनगर के रामसुरेश चौहान को हिरासत में लेने के साथ मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र से आए दंपती से तहकीकात की। महिला ने बताया कि उसका पति मुंबई में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है और वह पांच बच्चों के साथ गांव में रहती थी। काफी समय पहले प्रधान ने उसे डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया और फोटो खींच लिए थे। इसके बाद वह अक्सर उसके घर आकर यौनशोषण करने लगा।
महिला ने पुलिस को बताया कि 19 अप्रैल को प्रधान उज्ज्वला गैस कनेक्शन का फॉर्म भरवाने के बहाने घर पर आया। उससे दरिंदगी की। इसके साथ ही उसकी बेटी के बारे में पूछा। प्रधान ने बगल के कमरे में सो रही बेटी को कुछ देर तक घूरकर देखा और लौट गया। थोड़ी देर बाद उसने अपने गुर्गों को भेजकर बेटी को अगवा कराया और अज्ञात स्थान पर उससे दरिंदगी की। अगली सुबह बेटी का शव पेड़ से लटका मिला। दंपती ने पुलिस से प्रधान की करतूत बताते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दुष्कर्म की जांच कराने के बजाय मौत की वजह का हवाला देकर पोस्टमॉर्टम कराया। उसमें फांसी लगाकर खुदकुशी की पुष्टि हुई। दबाव बनाकर अंतिम संस्कार करा दिया। उच्चाधिकारियों से शिकायत बेनतीजा रही। मामले की खबर छपने पर पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा। आरोप है कि मंत्री की सिफारिश पर तीनों को छोड़ दिया गया। परिवार ने राजनीति से जुड़े लोगों से मदद मांगी। महिला ने कहा, मामले में कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन करेगी।