ाजीचौराहा (बहराइच)। तराई में छिटपुट बारिश के बीच घाघरा नदी के जलस्तर में भी इजाफा होने लगा है। 24 घंटे में लगभग आधा मीटर जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी में कटान भी शुरू हो गई है, जिससे तटवर्ती गांवों के ग्रामीण दहशत में हैं। लेकिन अब तक कटान निरोधक कोई कार्य नहीं शुरू हुआ है।
घाघरा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा है। 24 घंटे में लगभग आधा मीटर पानी के जलस्तर में इजाफा हुआ है। इसके साथ ही नाले के मानिंद दिख रही नदी के पानी का फैलाव भी हुआ है। हालांकि अभी पानी सामान्य जलस्तर से नीचे है। लेकिन जलस्तर बढ़ने के साथ ही मामूली कटान शुरू हो गई है। शुक्रवार को नदी की लहरें तारापुरवा से बिसवां गांव तक चार किलोमीटर के दायरे में कटान करती रहीं। तारापुरवा निवासी छोटेलाल और नान्हूं का कहना है कि नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। ऐसे में अगर कटान और बढ़ी तो मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से तारापुरवा, बिसवां, गोलागंज, कायमपुर, पिपरा, मुरौवा, बौंडी क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों ने जलस्तर बढ़ने की सूचना तहसील पर दे दी है। लेकिन अब तक कटान रोकने के कोई उपाय नहीं किए गए हैं, जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इसी तरह कटान का सिलसिला चला तो उन लोगों को अपनी खेती योग्य जमीन से तो हाथ धोना ही पड़ेगा, साथ ही गृहस्थी बचानी भी मुश्किल हो जाएगी।
राजस्व कर्मियों को दिए गए हैं निर्देश
उप जिलाधिकारी गुलाम सरवर का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ा जरूर है। लेकिन अभी कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि नदी की स्थिति पर नजर रखने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। नदी की पल-पल की स्थिति पर ध्यान है।
डाउन स्ट्रीम में पानी चल रहा
चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज के अवर अभियंता आरएस वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर डाउन स्ट्रीम में पानी चल रहा है। गर्मी के सापेक्ष अभी नदियों की स्थिति सामान्य है। वर्षा के बाद जलस्तर में और इजाफा होगा।