बाराबंकी। कोटा चयन के दौरान सचिव की हुई पिटाई मामले में अब प्रधान भी एकजुट हो गए हैं। मंगलवार को प्रधानों ने जिलाधिकारी व सीडीओ से कहा है कि सचिव पर भी अनियमितता बरतने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जाए। ऐसा न होने पर 25 नवंबर को जिले भर के प्रधान धरना-प्रदर्शन करेंगे।
प्रधान संघ की ओर से जिलाध्यक्ष सूर्यप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में प्रधानों ने सचिव के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए डीएम अखिलेश तिवारी व मुख्य विकास अधिकारी अंजनी कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। इनका कहना है कि पूर्व ग्राम पंचायत सचिव कुलदीप वर्मा ने अपनी रंजिश को मिटाने के लिए राजेश्वर रावत को थाने में ले जाकर इनकी रिपोर्ट ग्राम प्रधान पति राम लखन व इनके समर्थनों के विरुद्ध हरिजन एक्ट की धाराओं में दर्ज करा दी, क्योंकि कुलदीप वर्मा पूर्व में लाइट लगवाने में की गई हेराफेरी की। इसकी शिकायत प्रधानपति ने अधिकारियों से की थी। इसकी विभाग में जांच हो रही है। इस जांच में दबाव बनाने के लिए कुलदीप वर्मा ने राजेश रावत को उकसा कर झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी है। जबकि राजेश रावत व कुलदीप वर्मा के विरुद्ध भ्रष्टाचार की नई विभागीय जांच चल रही है। संघ के जिलाध्यक्ष सूर्यप्रकाश सिंह के नेतृत्व प्रधानों ने डीएम व सीडीओ ज्ञापन देकर इन कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस मौके पर रमाकांत मौर्या, मोबीन सिकंदर, गुड्डू मौर्या, ओम प्रकाश, शकील, गोपीचंद्र वर्मा, आलोक सिंह आदि मौजूद रहे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सचिवों को दिया समर्थन
तीन दिनों से विकास भवन के बाहर आंदोलित सचिवों को अब राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी समर्थन दे दिया है। परिषद के अध्यक्ष प्रमोद सिंह ने कहा कि अगर शेष दो आरोपियों को गिरफ्तारी बुधवार तक नहीं हो जाती तो फिर 27 नवंबर को परिषद आंदोलन करेगी और जिले के समस्त कामकाज ठप कर दिए जाएंगे।