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बढ़ाए जाएंगे कई परीक्षा केंद्र

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बाराबंकी। परीक्षा केंद्र निर्धारण की अनंतिम सूची जारी होने के बाद मचे घमासान के बीच मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा परिषद के अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल वीडियो कांफ्रेंसिंग कर प्रदेश के सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों से मुखातिब हुए। पूर्व में भेजे गए सत्यापन व संस्तुति को लेकर अपर मुख्य सचिव के सख्त तेवर दिखे तो दागी कॉलेजों को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर करने के साथ मानक पूर्ण करने वाले कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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परीक्षा केंद्र निर्धारण को लेकर जारी की गई अनंतिम सूची के प्रकाशित होनेे के बाद मचे बवंडर को लेकर अपर मुख्य सचिव का गुस्सा जिले के डीआईओएस पर फूटा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिलों से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर की गई ग्रेडिंग में कई दागी कॉलेज परीक्षा केंद्र बन गए तो कई मानक पूरा करते हुए भी बाहर हो गए। मगर, जिला स्तरीय समिति के माध्यम से भेजे जाने वाले प्रस्ताव पर परीक्षा केंद्र की दूरी, परीक्षार्थियों की धारण क्षमता व परिषद के मानकों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए। ऐसे में दागी परीक्षा केंद्रों को बाहर कर आवश्यकता के अनुरूप मानक पूरा वाले कॉलेजों को परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल करने का निर्देश दिया गया। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद जहां परीक्षा केंद्र बनवाने में कामयाब रहे दागी कॉलेजों की नींद उड़ गई तो मानक पूरा करने वाले कॉलेजों में एक बार फिर परीक्षा केंद्र बनने की उम्मीद जगी है। जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल सिंह ने कहा कि अपर मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर परीक्षा केंद्रों को लेकर जल्द प्रस्ताव मांगा है, जिसके बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी। उसके बाद फिर 27-28 नवंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग होगी। प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिस पर जिला स्तरीय परीक्षा समिति की बैठक में चर्चा के बाद बोर्ड को भेज दिया जाएगा।

खामियां छिपाने की कसरत तेज
परीक्षा केंद्र निर्धारण की भेजी गई रिपोर्ट की खामियां को छिपाने की कसरत तेज हो गई है। कार्यालय के लंबे-चौडे़ नव निर्मित भवन को छोड़कर जिम्मेदार राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में खामियों को ठीक करने मेें दो दिन से जुटे हैं। इसको लेकर करीब एक दशक तक परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण पटल को संभालने का अनुभव रखने वाले एक लिपिक को डायट से बुलाकर इस काम में लगाया गया है तो तत्कालीन डीआईओएस राम शरण सिंह की टीम के शिक्षकों को इस कार्य में लगाकर जिम्मेदार अपने बचाव का रास्ता तलाश रहे हैं। हालांकि मंगलवार को नया प्रस्ताव मांगे जाने के बाद जिम्मेदार राहत जरूर महसूस कर रहे हैं।
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