बहराइच। गुरुग्राम के एक प्रतिष्ठित स्कूल में शुक्रवार को कक्षा दो के छात्र की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना ने महंगी फीस वसूलने वाले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में भी ऐसे तमाम स्कूल हैं जो पेरेंट्स से तो बच्चों की सुरक्षा और सहूलियत के नाम पर मोटी फीस वसूलते हैं, मगर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है।
शहर व ग्रामीण अंचलों में 13 स्कूल ऐसे हैं जो भारी भरकम फीस वसूलते हैं, लेकिन यहां पर बच्चों की सुरक्षा सिर्फ सीसीटीवी कैमरों के भरोसे है। यह भी अक्सर बंद ही रहते हैं। इन स्कूलों में किसी भी सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती नहीं है। स्कूल के चपरासी पर ही सुरक्षा की भी जिम्मेदारी है। कई स्कूलों में फीस के नाम पर तीन से 12 हजार रुपये तक लिये जा रहे हैं। बच्चों की खातिर अभिभावक भी जैसे-तैसे पैसों का जुगाड़ कर फीस अदा करते हैं। मगर यहां पर बच्चों की सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
केस- 1
शिक्षक पर लगे थे गंभीर आरोप
लखनऊ-बहराइच मार्ग स्थित सीबीएसई बोर्ड के एक बड़े स्कूल के शिक्षक पर स्कूल की छात्राओं से छेड़छाड़ करने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। डेढ़ साल पूर्व इस मामले में चार माह तक आंदोलन हुआ। डीएम के हस्तक्षेप के बाद आरोपी शिक्षक को हटाने पर मामला शांत हुआ। हालांकि इसके बाद पुन: स्कूल प्रशासन ने उसी शिक्षक को उसी पद पर तैनाती दे दी।
केस- 2
बस कंडक्टर ने बुरी तरह से पीटा
नानपारा क्षेत्र में संचालित एक इंग्लिश मीडियम स्कूल के जूनियर कक्षा के छात्र को चलती बस में हंसने और हमजोलियों से बातचीत करने पर आठ माह पूर्व बस के कंडक्टर ने रुपईडीहा में पीट दिया। इसको लेकर काफी बवाल मचा। केस दर्ज हुआ। हालांकि बाद में मामला रफा-दफा हो गया।
सुरक्षा की रिपोर्ट मांगी
हरियाणा के गुरुग्राम में मासूम छात्र के साथ हुई घटना का मामला संज्ञान में आने के बाद जिले के सभी आईसीएसई, सीबीएसई और इंग्लिश मीडियम स्कूलों के प्रधानाचार्य और प्रबंधकों को पत्र भेजा गया है। वहां की सुरक्षा व्यवस्था का ब्योरा तलब किया गया है। टीम बनाकर स्कूलों का मुआयना करेंगे। समुचित व्यवस्थाएं न मिलने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होगी। -राजेंद्र पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक