जाम में फंसे लोगों ने कड़ी धूप में झेली सांसत, पुलिस इंतजाम रहे नाकाफी
अयोध्या। तीन मंडलों के आला अफसरों की रणनीति से पहले ही मंगलवार को कांवरियों का रेला हाईवे पर उमड़ने लगा तो यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। आननफानन में फैजाबाद, लखनऊ, बस्ती, गोंडा, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर और रायबरेली हाईवे पर बड़े वाहनों को फैजाबाद की सीमा में घुसने से रोक दिया गया।
अयोध्या से बस्ती मार्ग पर घंटों जाम से लोग कराह उठे। बड़े वाहनों के बीच छोटी गाड़ियां रेंगती नजर आईं। रात होते-होते हाईवे पूरी तरह वाहनों के लिए बंद दिया गया है। इसकी चारों लेन कांवरियों के लिए रिजर्व कर दी गई है। बस्ती के भदेश्वरनाथ में सरयू के जल से अभिषेक को लेकर सबसे अधिक कांवरियों में उत्साह है।
गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज से कांवरियों का जत्था सुबह से ही गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर उमड़ने लगा। ये लोग बुधवार सुबह अयोध्या पहुंचेंगे, जहां से सरयू का जल लेकर रात से ही वापस लौटने का क्रम शुरू होगा, जो 22 जुलाई तक जारी रहेगा।
उधर, गोंडा के पृथ्वीनाथ मंदिर और दुखहरन नाथ मंदिर का दर्शन कर लोग सरयू का जल लेने मंगलवार से रवाना हो गए हैं। इससे गोंडा मार्ग पर भी वाहनों को बैरीकेडिंग करके कटरा चौराहे पर रोका जा रहा है। अंबेडकरनगर में शिवबाबा धाम में जलाभिषेक को लेकर कांवरियों का रेला शुरू हो गया है।
इसी तरह सुल्तानपुर और रायबरेली मार्ग पर भी कांवरियों का जत्था अयोध्या की ओर रवाना हो चुका है। फैजाबाद, बस्ती, देवीपाटन मंडल के जिलों में प्रशासन व पुलिस ने 19 जुलाई से 22 तक इस कांवर मेले की सुरक्षा व यातायात की रणनीति बनाई थी।
पहले बस्ती से अयोध्या के मोहबरा तक पश्चिमी दो लेन ही रिजर्व की गई, मगर बाद में पूरा हाईवे मंगलवार रात 12 बजे से 22 जुलाई की सुबह तक सुरक्षित कर लिया गया। मगर कांवरियों का उत्साह मंगलवार भोर से ही उफान पर दिखा।
सभी जिलों से डीजे की धुन पर नाचते-गाते कांवरियों का जत्था अयोध्या की ओर कूच किया तो हाईवे पर यातायात व्यवस्था डगमगा गई। सबसे अधिक दिक्कत बस्ती जिले से अयोध्या पुल तक रही। यहीं सैकड़ों वाहन जाम में फंसकर रेंगते नजर आए।
पुलिस के इंतजाम नाकाफी साबिक हुआ। उधर, लखनऊ से आने वाले बड़े वाहनों को वीपी मवई से आगे बढ़ने से रोक दिया गया है। इसके चलते तमाम कारें व सवारी वाहन भी जाम में घंटों कराहते दिखे। अब मंगलवार रात से अयोध्या से बस्ती का रूट पूरी तरह से बंद रहेगा।
साथ ही डायवर्जन के तहत गोरखपुर से आने वाहनों को बस्ती से डुमरियागंज-उतरौला, गोंडा होते हुए लखनऊ व लखनऊ के तरफ से आने वाले वाहनों को बाराबंकी से जरवल रोड होते हुए गोंडा-डुमरियागंज होते हुए बस्ती की तरफ भेजा जाएगा। लखनऊ रोड पर मवई के पास से ही वाहनों का आवागमन रोक दिया गया।
जबकि बस्ती जिले में वाहनों का आवागमन खलीलाबाद के पास रोक दिया गया। इस दौरान घंटाें जाम लगा रहा और अफरातफरी का माहौल रहा। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने बड़ी गाड़ियों को वापस बाराबंकी के रास्ते गोंडा होकर बस्ती की तरफ भेजा, हालांकि इस दौरान कुछ छोटे व हलके वाहनों के लिए एक लेन खोला गया।
चार दिन प्रशासन की अग्नि परीक्षा
वास्तव में प्रशासन की अग्नि परीक्षा मंगलवार रात से लेकर 22 जुलाई की रात तक होगी। इस दौरान बस्ती व देवीपाटन मंडल के लाखों श्रद्धालु कांवर में जल भरने के लिए अयोध्या के सरयू तट पर उमडे़ंगे। इस बीच अयोध्या के सरयू तट व नयाघाट क्षेत्र के अलावा मठ-मंदिरों पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
हालांकि इन कांवरियों को किसी तरह की असुविधा न होने के साथ सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा पूरा मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखेगी, जबकि कांवरियों के भेष में अराजक तत्व न घुस आए।
इसके लिए इनकी टोलियों में सादी कपड़े में पुलिस व खुफिया विभाग के कर्मचारी मौजूद रहेंगे। मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे एसपी सिटी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस सतर्क है और चप्पे-चप्पे पर निगाह रखी जा रही है।
यहां से आएंगे इतने प्रतिशत लोग
पुलिस के अनुमान के मुताबिक, लखनऊ की ओर से 5 फीसदी, सुल्तानपुर-इलाहाबाद की ओर से 6 फीसदी, रायबरेली की ओर से 7 फीसदी, गोंडा-बहराइच-बलरामपुर की ओर से 14 फीसदी, गोरखपुर-बस्ती की ओर से 30 फीसदी, टांडा-अंबेडकरनगर-आजमगढ़ की ओर से 35 फीसदी व शहर क्षेत्र की ओर से 3 फीसदी कांवरियों के चार दिन में सरयू का जल भरने व दर्शन-पूजन करने आने की संभावना है।