जनगणना की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक करते डीएम विशाख जी
लखनऊ। जनगणना 2027 के लिए 16 हजार प्रगणक व कर्मचारी लखनऊ की जनगणना की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिले में जनगणना की तैयारियां परखने के लिए डीएम विशाख जी ने बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में अफसरों के बीच तकनीकी व अन्य जानकारियां साझा की गईं।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह, जनगणना निदेशालय की ओर से डॉ गौरव पांडेय (उप निदेशक), उपासना गिरी (सहायक निदेशक), रमेश कुमार पांडेय(सांख्यिकीय अन्वेषक) और अनिल सिंह की ओर से जनगणना-2027 के निर्धारित दिशा-निर्देशों, नवीन तकनीकी व्यवस्थाओं एवं कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। बताया कि जनगणना में पहली बार खुद से फॉर्म भरने की व्यवस्था लागू की गई है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जाकर खुद से ही फॉर्म भरना होगा लेकिन वह स्वीकार तभी होगा जब प्रगणक घर जाकर उस आईडी को वैरिफाई करेगा। बैठक में प्रगणना ब्लॉकों की अनुमानित संख्या व निर्धारण की वर्तमान स्थिति, जनगणना पोर्टल पर बनाए गए वार्डों का सत्यापन व जरूरी संशोधन, प्रगणकों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण की प्रगति, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना के लिए संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की गई।
डीएम विशाख जी ने सभी चार्ज प्रभारियों को शनिवार शाम तक अपने क्षेत्रों में बने प्रगणना ब्लॉकों की संख्या के अनुसार प्रगणकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हर 6 प्रगणकों पर 1 सुपरवाइजर की नियुक्ति कर विवरण को जनगणना पोर्टल पर फ्रीज करने के लिए भी कहा। बताया कि 15 अप्रैल से 1 मई तक प्रगणकों के 300 से अधिक बैच बनाकर प्रशिक्षित किया जाएगा। तहसील के उपजिलाधिकारी प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी होंगे। उन्होंने नगर निगम के 8 जोनों के जोनल अधिकारी नगरीय क्षेत्रों में अपर नगर मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए।