केंद्र सहायतित योजना के दूसरे चरण में बन रहे आठ स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों, सीनियर व जूनियर रेजीडेंट के 160 पदों का सृजन किया गया है। नेशनल मेडिकल कमीशन के मानकों के अनुसार एमबीबीएस प्रथम वर्ष के लिए चिकित्सा शिक्षकों और सीनियर रेजीडेंट के 48-48 पद, जूनियर रेजीडेंट के 64 पद जरूरी हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने देवरिया, एटा, फतेहपुर, गाजीपुर, हरदोई, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ और सिद्धार्थनगर के स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 2021-22 सत्र में उक्त पदों का सृजन किया है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बॉयोकेमेस्ट्री में 01-01 सहायक आचार्य/प्रवक्ता, इमरजेंसी मेडिसिन में 01 सह आचार्य और 01 सहायक आचार्य/प्रवक्ता, माइक्रोबॉयोलॉजी बीएसएल-टू लैब में 01 सहायक आचार्य/प्रवक्ता के पद हैं।
इमरजेंसी मेडिसिन में सीनियर रेजीडेंट के 06 हैं। टीबी एंड चेस्ट, स्किन एंड बीडी, मानसिक रोग, ऑप्थलमोलॉजी, ईएनटी, डेंटिस्ट्री के जूनियर रेजीडेंट का 01-01 पद हैं। इमरजेंसी मेडिसिन में ट्यूटर/जूनियर रेजीडेंट के दो पद सृजित किए गए हैं। इस तरह एक मेडिकल कॉलेज के लिए कुल 20 पद सृजित किए गए हैं।