एलडीए ने अपने पांच साल से अधिक पुराने बहुमंजिला प्रोजेक्टों को पूर्णता प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। अभी तक एलडीए खुद के अपार्टमेंट को पूर्णता प्रमाणपत्र जारी नहीं करता था। रेरा में अलग-अलग जगहों की आरडब्ल्यूए की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है। सभी पूर्णता प्रमाणपत्र रेरा की वेबसाइट पर भी अपलोड किए जा रहे हैं।
रेरा में सबसे पहले गोमतीनगर विस्तार महासमिति और आवंटियों की तरफ से शिकायत दर्ज कराई गई थी। इन शिकायतों में प्रोजेक्टों में काम अधूरे होने और वादाखिलाफी की बात कही गई। ग्रीनवुड अपार्टमेंट के मामले में रेरा ने खुद आदेश किया कि एलडीए वहां पूर्णता प्रमाणपत्र जारी करे। वहीं बुकलेट में किए गए वायदे भी अपार्टमेंट में पूरा कराने के लिए एलडीए को कहा गया। इसके बाद से एलडीए के ऊपर अपने प्रोजेक्टों में भी पूर्णता प्रमाणपत्र जारी करने का दबाव था।
मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि एलडीए के गोमतीनगर विस्तार में 18 अपार्टमेंट, कानपुर रोड योजना में दो और जानकीपुरम योजना में तीन अपार्टमेंट को पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किया गया है। गोमतीनगर विस्तार के जहां ग्रीनवुड, गंगा, सरस्वती, शिप्रा, सरयू, कल्पतरु, सुलभ आवास सहित सभी अपार्टमेंट को अब पूर्णता प्रमाणपत्र जारी हो गया है। वहीं कुर्सी रोड पर जानकीपुरम योजना के सरगम, सृष्टि और जनेश्वर एंक्लेव को पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किया गया है। कानपुर रोड योजना में सुगम आवास और भरणी अपार्टमेंट के पूर्णता प्रमाणपत्र जारी हुए हैं। यहां अभी आठ और अपार्टमेंट के पूर्णता प्रमाणपत्र जारी होने बाकी हैं। इनमें रश्मिलोक, रतनलोक, सनराइज, पूर्वा, आद्रा आदि शामिल हैं।
आरडब्ल्यूए के पंजीक रण का भी रास्ता खुला
एलडीए से पूर्णता प्रमाणपत्र जारी होने का एक बड़ा फायदा आरडब्ल्यूए को होगा। अलग-अलग अपार्टमेंट की आरडब्ल्यूए और इनके पदाधिकारियों के पंजीकरण करने से अभी रजिस्ट्रार सोसाइटीज ने मना कर दिया था। इसके पीछे पूर्णता प्रमाणपत्र को वजह बताया गया था। सोसाइटीज रजिस्ट्रार की तरफ से स्पष्ट रूप से कहा गया कि बिना पूर्णता प्रमाणपत्र के कोई आरडब्ल्यूए पंजीकृत नहीं की जाएगी। ऐसे में कई नई बनी आरडब्ल्यूए को वैधानिक अधिकार भी नहीं मिल पा रहे थे। इनमें प्रमुख रूप से गोमतीनगर विस्तार के सरयू अपार्टमेंट, अलकनंदा अपार्टमेंट का मामला काफी चर्चा में रहा।
प्रोजेक्टों में अधूरे काम गिना सकेंगे आवंटी
रेरा में पंजीकरण और पूर्णता प्रमाण पत्र अपलोड होने के बाद अब 20 हजार से अधिक आवंटी और उनके परिवार के सदस्य अपने प्रोजेक्टों में काम अधूरे रहने पर शिकायत कर पाएंगे। इसके लिए उनके पास एलडीए और रेरा दोनों जगह शिकायत के लिए रास्ता खुला रहेगा। कई अपार्टमेंट में बुकलेट में दी गई सुविधाएं विकसित नहीं करने की शिकायतें सामने आई हैं। एलडीए में ऐसी कई शिकायतें लंबित बनी हुई हैं।
कब्जा प्रमाणपत्र पर अब भी अस्पष्टता
भले ही एलडीए ने रेरा के दबाव में पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किए हों, लेकिन अब भी कब्जा प्रमाणपत्र पर अस्पष्टता ही बनी हुई है। रेरा के नियमों के मुताबिक किसी भी बिल्डिंग को रहने लायक घोषित करने के लिए विकास प्राधिकरण से कब्जा प्रमाणपत्र जारी होना चाहिए। यूपी में लागू बिल्डिंग बाइलॉज में सिर्फ कब्जा प्रमाणपत्र दिए जाने का ही प्रावधान है। इसी को आवंटियों को कब्जा देने के लिए प्रमाणपत्र मान लिया जाता है। रेरा को भी एलडीए ने इसकी सूचना दे दी है। अब रेरा को खुद इस पर अपनी नीति तय करनी है। एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि कब्जा प्रमाण पत्र महाराष्ट्र में लागू व्यवस्था से आया है। कई राज्यों में बिल्डिंग बाइलॉज में सिर्फ पूर्णता प्रमाणपत्र की ही व्यवस्था है।
वर्जन-
रेरा की वेबसाइट पर कर रहे अपलोड
हमने 23 अपार्टमेंट को पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया है। यह प्रमाण पत्र संबंधित जोन के अधिशासी अभियंता जारी कर रहे हैं। इसके लिए वीसी से आवश्यक स्वीकृति पूर्व में ली जा रही है। इसके बाद ही प्रमाणपत्र जारी कर रेरा की वेबसाइट पर अपलोड हो रहे हैं।
- इंदुशेखर सिंह, मुख्य अभियंता, एलडीए