रोस्टर दरकिनार, फॉल्ट ने भी किया सोना दुश्वार
अंबेडकरनगर। अघोषित विद्युत कटौती उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बन गई है। पर्याप्त आपूर्ति न होने से उपभोक्ताओं को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की मानें तो रोस्टर 18 घंटे का है, लेकिन सात से आठ घंटे भी बिजली मिल पाना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते पेयजल, खेतों की सिंचाई के अलावा कई अन्य कार्य बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहे हैं।
महरुआ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों के उपभोक्ताओं को अघोषित विद्युत कटौती का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में बिजली न मिल पाने से लोग पसीना-पसीना तो हो ही रहे हैं, पेयजल समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। रोस्टर से काफी कम बिजली मिलने के साथ ही फॉल्ट की वजह से भी कटौती हो रही है। रात में होने वाली कटौती की वजह से उपभोक्ता चैन से सो भी नहीं पाते हैं।
स्थानीय निवासी परशुराम, रामतेज, सौरभ शुक्ल, रमेश पाण्डेय, सीताराम, मो. इश्तियाक आदि का कहना है कि अघोषित विद्युत कटौती से खेती का काम भी प्रभावित हो रहा है। जर्जर तार व अन्य उपकरण थोड़ा सा लोड बढ़ने पर ही जवाब दे जाते हैं। जर्जर तार बदलवाने की तरफ न तो शासन और न ही विभागीय अधिकारी ध्यान देते हैं, जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। विद्युत बिल में आए दिन बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है।