स्मृति के करीबी पूर्व प्रधान की हत्या
अमेठी। सांसद स्मृति ईरानी के करीबी जामो थाना क्षेत्र के बरौलिया गांव के पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंद्र प्रताप सिंह (57) की शनिवार रात पांच बदमाशों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी ।
सुरेंद्र सांसद स्मृति ईरानी के प्रमुख कार्यकर्ता थे। हत्या की सूचना पर स्मृति बरौलिया पहुंचीं सुरेंद्र की अर्थी को कंधा दिया। उन्होंने पीड़ित परिवारीजनों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
वे पूरे समय अंत्येष्टि स्थल पर मौजूद रहीं। सुरेंद्र के बड़े भाई ने हत्या में पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वारदात पर बेहद सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने डीजीपी ओम प्रकाश सिंह को वारदात का जल्द से जल्द खुलासा करने के आदेश दिए हैं।
सुरेंद्र बरौलिया गांव के बाहर कमालपुर में रहते थे। शनिवार रात सुरेंद्र गांव के एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से रात करीब 11 बजे वापस लौटे और बरामदे में सोए हुए थे।
इसी बीच दो बाइक से पहुंचे पांच अज्ञात बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। ेेेेेहालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में एक गोली लगने की पुष्टि हुई है। सुरेंद्र को मृत मानकर बदमाश मौके से भाग निकले।
गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर उनके परिवार के लोग बाहर निकले तो सुरेंद्र खून से लथपथ मिले। परिवारीजन उन्हें आनन-फानन पहले पीएचसी जायस फिर जिला अस्पताल रायबरेली ले गए।
रायबरेली से रेफर करने के बाद परिवारीजन उन्हें ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की फोर्स के साथ ही बड़ी संख्या में सीआईएसएफ के जवान लगाए गए हैं।
पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए तीन टीमें गठित की हैं। वहीं 17-18 लोगों को हिरासत में लिया है। एसटीएफ को भी लगाया गया है। डीजीपी ने कहा है कि 24 घंटे में इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
जामो एसएचओ राजीव सिंह ने बताया कि सुरेंद्र के बड़े भाई नरेंद्र की तहरीर पर बीडीसी रामचंद्र पासी, धर्मनाथ गुप्ता के साथ ही गांव के ही नसीम व वसीम तथा फुरसतगंज थाने के पीढ़ी गांव निवासी अतुल सिंह ऊर्फ गोलू के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।
पूर्व प्रधान की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को लेकर गांव के दो लोगों से नहीं बनती थी। इनमें गांव का धर्मनाथ गुप्ता व 2015 में बीडीसी चुना गया रामचंद्र पासी प्रमुख था।
धर्मनाथ गुप्ता जहां अपने भाई के माध्यम से गांव के प्रधान पद पर काबिज होना चाहता था वहीं रामचंद्र भी आगामी चुनाव में ग्राम प्रधान बनने का सपना देख रहा था। बताते हैं कि स्मृति की जीत पर शुक्रवार को सुरेंद्र ने गांव में बड़ा आयोजन किया था। इस जश्न के दौरान भी उनकी बीडीसी से झड़प हो गई थी।
वहीं इस मामले में सांसद स्मृति ईरानी ने कहा कि सुरेंद्र के परिवार के साथ भाजपा के 11 करोड़ सदस्यों का परिवार खड़ा है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में कानून की मर्यादा में न्याय होगा।
हत्यारा अगर पाताल में भी है, उसे पकड़ा जाएगा। जिसने गोली चलाई और चलवाई दोनों को फांसी दिलाने के लिए जरूरत पड़ने पर मैं खुद सर्वोच्च न्यायालय तक जाऊंगी। 23 तारीख को मुझे अमेठी प्यार से संभालने का मैसेज दिया गया था। वो मुझे आज मिल गया है।