बहराइच। लखनऊ-बहराइच मार्ग पर शुक्रवार को सुबह कार और मैजिक की आमने-सामने हुई टक्कर में बालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दो सगे भाई हैं। वह लखनऊ के बुनियाद बाग के निवासी हैं। दोनों भाई बहन को ससुराल में छोड़कर घर लौट रहे थे। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है। दुघर्टना का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है।
शहर स्थित रोडवेज बस अड्डे के पास से सुबह करीब छह बजे एक कार यात्रियों को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुई। कार में चालक समेत छह लोग सवार थे। यात्रियों से भरी कार जब लखनऊ-बहराइच मार्ग पर फखरपुर थाना अंतर्गत मरौचा मोड़ के पास पहुंची, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार मैजिक से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। हादसे से चीख पुकार मच गई। आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक कार में सवार लखनऊ के बुनियाद बाग निवासी सगे भाई सज्जाद (30) व कासिम (25) पुत्र निसार अहमद की मौके पर ही मौत हो गई। कार और मैजिक में फंसे अन्य लोगों को ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकाला। सूचना पाकर फखरपुर एसओ कपिलदेव चौधरी भी मौके पर पहुंचे। तत्काल सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने साजिद (12) पुत्र मुखिया निवासी फत्तेपुर बनगाई मल्हीपुर को मृत घोषित कर दिया। जबकि संदीप कुमार पांडेय (40) निवासी घसियारीपुरा, अब्दुल वहीद खां (35) पुत्र अब्दुल अजीज निवासी कुडा मल्हीपुर श्रावस्ती व एक अज्ञात घायल को भर्ती कर लिया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देख उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
बहन को ससुराल में छोड़ लखनऊ लौट रहे थे सगे भाई
लखनऊ के बुनियाद बाग निवासी सज्जाद और कासिम सगे भाई थे। दोनों की बहन की ससुराल बहराइच के मोहल्ला अकबर में है। गुरुवार को दोनों भाई बहन को ससुराल लेकर आए थे। यहां से हंसी खुशी शुक्रवार सुबह लखनऊ के लिए निकले। जल्दी पहुंचने के चक्कर में दोनों भाई निजी कार में बैठ गए। लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। दोनों भाइयों की मौत से उनके घर में कोहराम मचा है। गौरतलब हो कि मृतक पांच भाई थे। वहीं बहन की ससुराल में भी हादसे के बाद मातम का माहौल है।
इलाज कराने लखनऊ जा रहा था साजिद
हादसे में दम तोड़ने वाले 12 वर्षीय मासूम साजिद की तबियत अरसे से खराब थी। वह मामा अब्दुल वहीद के साथ इलाज कराने लखनऊ निकला था। बालक की मौत के बाद उसके मां बाप का हाल बेहाल है।