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अक्षय तृतीय पर चमका बाजार, बिक गए आठ करोड़ के आभूषण

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ग्राहकों ने इस बार कैशलेस भुगतान को दी वरीयता, सराफा बाजार में सुबह से लेकर देर रात तक रही रौनक
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सीतापुर। अक्षय तृतीया पर बुधवार को बाजार खूब चमका। खासकर सराफा बाजार में सबसे ज्यादा रौनक रही। परंपरा का निर्वहन करने को यहां खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। अबकी आभूषणों की खरीदारी के बाद कैशलेस भुगतान प्रक्रिया को ग्राहकों ने वरीयता दी गई।

सराफा बाजार में चहल-पहल तो सुबह से ही नजर आने लगी थी। लेकिन शाम के समय गहमागहमी ज्यादा रही। देर रात तक लोग सोने-चांदी की अपनी मनपसंद चीजें खरीदने में मशगूल दिखाई दिए। जिलेभर में सोने-चांदी के आभूषणों की करीब 8 करोड़ रुपये की बिक्री होने का अनुमान है।
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बैसाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आखा तीज अथवा अक्षय तृतीया कहते हैं। शिव पुराण के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने कुबेर को धन-संपदा का स्वामी नियुक्त किया था। इसी दिन मां पार्वती ने देवी अन्नपूर्णा के रूप में अवतार लिया था और भगवान शंकर ने उनसे दीक्षा के रूप में दान प्राप्त किया था।

महाभारत कालीन मान्यता के अनुसार, इस दिन श्रीकृष्ण ने पांडवों को अक्षय पात्र भेंट किया था, जिससे आवश्यकता अनुसार भोजन उत्पन्न हो जाता था। पुराणों में यह भी उल्लेख है, कि इसी दिन पृथ्वी पर मां गंगा का अवतरण हुआ था और ऋषि वेद-व्यास ने गणेशजी के साथ इसी दिन महाभारत का लेखन किया था।

इसके अलावा इस दिन भगवान परशुराम का जन्म भी हुआ था। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अक्षय तृतीया सर्वसिद्ध मुहूर्त होता है। इस दिन सोने और चांदी की खरीद शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदी गई वस्तु कभी घटती नही, बल्कि दिनों-दिन उसकी बढ़ोत्तरी होती है।

इसी मान्यता व परंपरा के अनुसार अक्षय तृतीया को सोने-चांदी की खरीद के लिए बुधवार को लोगों ने सराफा बाजार का रुख किया। सुबह से शाम तक सोने-चांदी की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ लगी रही। शाम को ज्यादा रौनक दिखाई दी।

देर रात तक सराफा बाजार गुलजार रहा। सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्य प्रकाश रस्तोगी के मुताबिक, शाम 6 बजे तक शहर में करीब दो करोड़ रुपये की कैश बिक्री हो चुकी थी। इस बार कैशलेस पेमेंट ग्राहकों ने ज्यादा किया। जिलेभर में लगभग 8 करोड़ रुपये के आभूषणों की बिक्री हुई है।

बाली, टॉप्स व अंगूठी खूब बिकी
अक्षय तृतीया पर इस बार सोने के आभूषणों में कान की बाली, टॉप्स और अंगूठी की बिक्री ज्यादा हुई। सराफा एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष संजय मिश्र ने बताया कि मध्यम वर्ग की पहुंच में होने से इनकी बिक्री खूब हुई। वहीं, 30 हजार से 80 हजार रुपये कीमत वाले सोने का ब्रेसलेट व गले की चेन भी बिकी है। चांदी का पेन, बिछिया व पायल की बिक्री भी जमकर हुई है।

सड़कों पर बैंडबाजा-बारात की रही धूम
अक्षय तृतीया को सर्वसिद्ध मुहूर्त होने से बिना किसी पुरोहित से मुहूर्त पूछे कोई भी मांगलिक कार्य किया जा सकता है। इस मान्यता के चलते इस दिन लोग मांगलिक कार्य कराने में ज्यादा रुचि लेते हैं।
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बुधवार को मैरिज हॉल से लेकर सड़कों तक बैंडबाजा-बारात की काफी धूम रही। एक अनुमान के मुताबिक, जिले में इस दिन करीब 500 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। भारी सहालग के चलते देर रात तक शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक रौनक नजर आई।
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