फैजाबाद। वित्तीय साल 2017-018 के अंतिम दिन बैंकों से लेकर कोषागार तक न तो पहले जैसी अफरातफरी रही और न ही बिल पास कराने के लिए लंबी लाइनें लगी रही। शनिवार को भी वित्तीय कामकाज भी पहले जैसा सामान्य स्थिति में दिखाई पड़ा। थोड़े बहुत नए आवंटन और धनराशि के सरेंडर के अलावा सब कुछ सामान्य रहा।
दरअसल शासन के प्रमुख सचिव वित्त ने मार्च शुरू होने के साथ ही सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिया था। उसमें उच्च अधिकारियों के साथ ही कार्यालयाध्यक्षों तक को बजट आवंटन से लेकर कोषागार से जारी किए जाने तक का तिथिवार कार्यक्रम जारी कर दिया था। इसके बाद थोड़े से लेटलतीफी के साथ ही सही, लेकिन इस पर कार्रवाई हुई तो मार्च के अंतिम सप्ताह तक नए आवंटन के साथ बिलों को पास किए जाने की कार्रवाई तेज रही। ऑनलाइन व्यवस्था के साथ यहां सीटीओ की ओर से भी पुराने बिलों को मार्च के पहले पखवारे में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। इसके बाद नए आवंटन के बिलों को शीघ्रता से प्रस्तुत करने का निर्देश भी इसमें काम आया। अलबत्ता कुछ बैंकों में पिछले दिनों से ही चेक और ड्राफ्ट लेकर रिसीव करने में आनाकानी की चर्चा रही। आबकारी विभाग की शराब दुकानों के लाइसेंस शुल्क के ड्रॉफ्ट और चेक को बैंकों में लिए जाने के लिए जिला प्रशासन के अफसरों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
फिलहाल शनिवार को दूसरी बेला बैंक से कोषागार में कामकाज आम दिनों की तरह ही दिखाई पड़ा। अमूमन अंतिम समय तक आवंटन और सरेंडर करने की भीड़ दोनों ही प्रतिष्ठानों में पहले जैसी नहीं रही। खासतौर से कार्यदायी संस्थाओं को आवंटन अंतिम दिन न के बराबर रहा। केवल हजार और लाख की संख्या में विभागों के कुछ आवंटन आए तो विभागों ने इसी तरह के सरेंडर भी पिछले कई दिनों से अब तक किए हैं। क्लोजिंग को लेकर कोषागार रात 12 बजे तक खोले जाने की तैयारी है।
मार्च क्लोजिंग पर शनिवार को कामकाज सामान्य रहा। अंतिम धन का समर्पण और आवंटन भी पहले की अपेक्षा काफी कम रहा। ऑनलाइन व्यवस्था और पहले से मार्च क्लोजिंग की तैयारी के चलते अंतिम दिन भीड़ भाड़ नहीं रही।
- राजेश पांडेय, मुख्य कोषाधिकारी