रिसियामोड़ (बहराइच)। नेपाल से सवारियों को लेकर लखनऊ जा रही एक तेज रफ्तार कार गुरुवार सुबह एक ट्रक में पीछे से घुस गई। ट्रक कार को 200 मीटर तक घसीट ले गया।
कार में सवार चालक समेत दो लोगों की मौत हुई है। तीन लोग घायल हैं। घायलों में चालक का पुत्र भी शामिल है। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया है।
नेपाल के बांके जिला अंतर्गत नेपालगंज निवासी मुनौवर अली (44) टैक्सी चलाकर जीवन यापन करता था। गुरुवार को नेपाल से लखनऊ के लिए सवारियां बैठाईं।
मुनौवर का बेटा इमरान (28) भी कार में सवार था। कार जब सवारियों को लेकर रिसिया थाना अंतर्गत किशुनपुर मीठा गांव के निकट पहुंची तो ट्रैक्टर-ट्रॉली के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण वाहनों की कतार लगी थी।
इसी दौरान तेज रफ्तार कार खड़ी ट्रक में पीछे से घुस गई। टकराते ही ट्रक चल पड़ी। ट्रक चालक पीछे फंसी कार को 200 मीटर तक घसीट ले गया। लोगों के शोर मचाने पर चालक ट्रक को खड़ा कर भाग खड़ा हुआ। आसपास के लोग दौड़े।
रिसिया थानाध्यक्ष मंजू पांडेय मौके पर पहुंची। क्रेन की सहायता से खींचकर कार को ट्रक से अलग किया गया। इस दौरान चालक मुनौवर और कार में सवार काठमांडू नेपाल निवासी रोशन शाह (45) की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
कार सवार चालक का पुत्र इमरान (28), बांके नेपालगंज निवासी अबुल (27) व संग्राम कुमार (28) को लहूलुहान हालत में रिसिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। यहां पर सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर किया है। थानाध्यक्ष मंजू पांडेय ने बताया कि मृतकों के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ है।
नेपाल से पहुंचे परिवारीजन, कोहराम
हादसे की सूचना पाकर चालक और कार में सवार यात्रियों के परिवारीजन नेपाल से बहराइच पहुंचे। सभी पछाड़ं खा-खाकर गिर रहे हैं। कोहराम मचा हुआ है।
बेटे के मौत की फैली अफवाह, चल रहा इलाज
हादसे में दम तोड़ने वाले कार चालक मुनौवर के पुत्र इमरान के मौत की खबर दोपहर में फैल गई। उसे सुबह जिला अस्पताल से ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था।
दोपहर बाद घायल इमरान को लखनऊ ले जानेे वाले एंबुलेंस चालक से किसी तरह संपर्क हुआ तो पता चला कि हालत गंभीर जरूर है, लेकिन उसका इलाज लखनऊ में चल रहा है। इस पर नेपाल से आए परिवारीजनों ने राहत की सांस ली।