बाराबंकी। फेसबुक पर मित्र बनाकर एक महिला से धोखाधड़ी व रुपये हड़पने के मामले में नाइजीरिया के रहने वाले एक व्यक्ति को कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई। नाइजीरिया निवासी जान असाबोर ओधो ओधो के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट का मुकदमा 30 अगस्त 2015 को नगर कोतवाली में दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी ने एक महिला से 3.43 लाख रुपये ठगे थे, जिसमें उसको मंगलवार को सीजेएम कुमार प्रशांत ने पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
विवरण के अनुसार वादिनी स्वाती सिंह पुत्री सुरेश सिंह निवासी आवास विकास कॉलोनी नगर कोतवाली ने 30 अगस्त 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि उसके फेसबुक आईडी पर 15-20 दिन पहले एक फ्रेंड रिक्वेस्ट 11 अगस्त 2015 को हैमनफ्रेंड के नाम की आई, जिसे एसेप्ट करने के बाद बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। बातचीत के दौरान उसने खुद को अमेरिकन नागरिक व किसी तेल कंपनी में कार्यरत होना बताया। पीड़िता की ओर से दर्ज केस में बताया गया कि मेरी आरोपी से बिजनेस से संबंधित चैटिंग होती थी। दो बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात भी हुई। फेसबुक पर आरोपी की दूसरी फोटो होने पर उसने बताया कि ऐसे ही डाल दिया है। आरोपी ने मेरे जन्मदिन पर उपहार भेजने को कहा तो मैंने स्वीकार कर लिया। उसी दौरान एक मोबाइल नंबर से कॉल आई और बताया कि गिफ्ट भेजा है इस खाता नंबर पर 33 हजार रुपये जमा कर दो। इसके बाद 24, 26,27,28,29 अगस्त को बातचीत कर वादिनी से कुल 3.43 लाख 118 रुपये नाइजीरियन आरोपी ने ठग लिए। इसके बाद पीड़िता ने धोखाधड़ी व आईटी एक्ट की धारा में नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस दौरान अपराध शाखा बाराबंकी के निरीक्षक कुलभूषण शिरोही ने हजरतगंज लखनऊ की पुलिस से संपर्क किया और सर्विलांस के माध्यम से नाइजीरियन आरोपी जान असाबोर ओधो ओधो को चारबाग लखनऊ रेलवे स्टेशन से 16 अक्टूबर 2015 को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार नीइजीरियन आरोपी ने अपना पता वेलिन सिटी वेलिन नाइजीरिया, हाल पता 2/4 ब्लॉक जे विकासपुरी नई दिल्ली बताया है। आरोपी तभी से जिला कारागार बाराबंकी में निरुद्ध था। न्यायालय में विवेचक द्वारा आरोप पत्र भेजने के बाद मामले की सुनवाई सीजेएम न्यायालय में शुरू की गई। इस दौरान अभियोजन पक्ष से वादी मुकदमा सहित न्यायालय में छह गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात मंगलवार को सीजेएम कुमार प्रशांत ने आरोपी को धोखाधड़ी व आईटी एक्ट की धाराओं में दोषी पाते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।