सीतापुर। धान की फसल की कटाई के समय कंबाइन मशीन ने एक किसान को कुचल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने मशीन को कब्जे में नहीं लिया था।
यह हादसा हरगांव थाना क्षेत्र के छौछिया गांव में हुआ। क्षेत्र के छौछिया किसान ने निवासी कमलेश (45) का खेत गांव के बाहर है। कमलेश ने दो बीघा खेत में धान की फसल बो रखी थी। फसल तैयार हुई तो रविवार को कमलेश ने किराए की कंबाइन मशीन से धान की फसल कटवाना शुरू कर दी। कंबाइन मशीन फसल को काट रही थी, इसी बीच चालक वाहन से अपना नियंत्रण खो बैठा और कंबाइन मशीन खेत में खड़े कमलेश को कुचलते हुए गुजर गई, जिससे कमलेश गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवारीजनों ने उसे आनन-फानन में हरगांव सीएचसी पहुंचाया, जहां पर डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में देर रात उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
छौछिया गांव के निवासी श्रीकेशन व उनकी पत्नी माया देवी 65 की उम्र पार कर चुके हैं। ऐसे में उन्हें इस बुढ़ापे में अगर किसी से कोई मदद की उम्मीद थी, तो वह अपने इकलौते पुत्र कमलेश से थी। कमलेश इकलौता पुत्र था, इस वजह से मां व पिता ने उससे ढेरों उम्मीदें लगा रखी थीं। अपने अरमानों के सपनों को पंख लगाते हुए, माता व पिता ने कमलेश की परवरिश की थी। सोचा था कि जब वे बुजुर्ग होंगे, तब कमलेश ही उनकी बुढ़ापे की लाठी बनेगा। लेकिन रविवार का दिन ऐसा आया, कि एक पल में उसने बुजुर्ग दंपती के सारे सपने चकनाचूर हो गए। इस हादसे में बुजुर्ग दंपती के घर का इकलौता चिराग बुझ गया।
कमलेश के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारियां थी। उसके छोटे से परिवार में जहां बुजुर्ग मां माया देवी, पिता श्रीकेशन हैं। वहीं पत्नी कमलेश कुमारी, पुत्र रत्नेश(12), वीर प्रताप (8) व पुत्री शिल्पी (10) हैं। कमलेश मेहनत मजदूरी करके अपने बुजुर्ग मां व बाप की देखभाल कर रहा था, तो अपने परिवार की परवरिश भी कर रहा था। उसकी मौत से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी बार-बार यह कह रही थी कि अब आखिर बच्चों की परवरिश कैसे होगी।