लखनऊ। डाॅ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के क्लब फुट क्लीनिक में बिना ऑपरेशन 1500 बच्चों के टेढ़े पंजे सीधे किए गए हैं। संस्थान में अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से चलने वाली विशिष्ट क्लीनिक के माध्यम से ऐसा संभव हो सका।
1500 बच्चों का आंकड़ा छूने के बाद संस्थान में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। आर्थोपेडिक्स विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनीत कुमार और डॉ. प्रभात कुमार पांडेय ने बताया कि क्लब फुट नाम की इस बीमारी में जन्म से ही बच्चे का पंजा या पैर टेढ़ा होता है। जन्म के तुरंत बाद से इसका इलाज शुरू करने पर बिना सर्जरी पैर सीधा किया जा सकता है। संस्थान में वर्ष 2022 से इस क्लीनिक का शुभारंभ किया गया था। इसके माध्यम से बच्चों का निशुल्क इलाज किया जाता है। देश में हर साल करीब 25 से 50 हजार नवजात शिशु क्लब फुट विकृति के साथ जन्म लेते हैं। इसका स्पष्ट कारण अभी तक पता नहीं है।
बिना ऑपरेशन प्लास्टर और विशेष जूतों से इलाज
डॉ. प्रभात पांडेय ने बताया कि पोंसेटी विधि से बच्चों के पैरों को सही आकार दिया जाता है। इसमें पैर को सही स्थिति में लाने के लिए प्लास्टर लगाया जाता है। कुछ बच्चों में विशेष प्रकार के जूतों का इस्तेमाल भी किया जाता है। पोंसेटी विधि से 95 फीसदी से अधिक मामलों में सफल इलाज मुमकिन है।
गांवों तक पहुंचेगी मुहिम
डॉ. विनीत कुमार ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सफल इलाज मिल सके, इसके लिए गांवों तक पहुंच बनाई जाएगी। गांवों में विशेष कैंप लगाकर बीमारी से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उनका निशुल्क इलाज किया जाएगा।