रायबरेली। लखनऊ से रायबरेली होते हुए अमेठी तक रेल लाइन का दोहरीकरण कराया जा चुका है। इससे पटरियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए तैनात कर्मचारियों की नाकाफी थी। ट्रैकमैन की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसे पूरा करने के लिए अब 150 नए ट्रैकमैन मिलेंगे। इनमें से 20 नए ट्रैकमैनों ने शनिवार को सहायक मंडल अभियंता कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी को ज्वाइन कराने के बाद तैनाती स्थल पर भेज दिया गया।
पहले केवल एक रेल लाइन हुआ करती थी। उस हिसाब से कर्मचारी तैनात थे। एक तरफ कर्मचारियों की संख्या कम होती गई और दूसरी तरफ रेल लाइन का दोहरीकरण कराने से काम भी बढ़ता गया। इससे पहले से तैनात कर्मचारियों पर काम का बोझ भी बढ़ा। बढ़ते कार्यक्षेत्र को देखते हुए नए ट्रैकमैनों की जरूरत पड़ी। इसीलिए अभी हाल ही में रेलवे ने नए रेलकर्मियों की भर्ती की है, जिसमें लगभग 150 ट्रैकमैन रायबरेली भेजे जाएंगे। इनका काम रेल पटरियों की देखरेख, उनकी मरम्मत और रखरखाव करना होगा, ताकि पटरियों पर ट्रेनें बिना किसी अवरोध के फर्राटा भर सकें। सहायक मंडल अभियंता प्रवींद्र सिंह ने बताया कि अभी 20 ट्रैकमैनों ने ज्वाइन किया है। अभी और आने बाकी हैं। कुल कितने नए ट्रैकमैन मिलेंगे, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
रायबरेली। रेलवे में नियुक्त हुए नए ट्रैकमैनों का नारदर्न रेलवे मेंस यूनियन (एनआरएमयू) ने स्वागत किया। शनिवार देर शाम सहायक मंडल अभियंता कार्यालय में यूनियन पदाधिकारियों ने नए ट्रैकमैनों को संगठन की सदस्यता दिलाई। सहायक मंडल मंत्री सुधीर तिवारी, देव कुमार, अल्ताफ अहमद, शील कुमार आदि ने नए साथियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। सुधीर तिवारी ने देश के कई हिस्सों से आए नए ट्रैकमैनों को यूनियन भवन में ठहरने की सुविधा दी। कहा कि जब तक सभी के लिए आवासीय व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक ट्रैकमैन यूनियन भवन में रहेंगे। सहायक मंडल मंत्री ने बताया कि रेलवे ने लखनऊ मंडल में 2200 कर्मियों की भर्ती की है, जिसमें 150 से अधिक ट्रैकमैन रायबरेली आएंगे।