परिवहन निगम के 15 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। परिवहन निगम के एमडी
ने गुरुवार को स्थानांतरण के आदेश जारी किए।
इनमें एक अधिकारी मनोज रंजन को
बसों की चेकर्ड प्लेट खरीद के मामले में अनियमितता के आरोप में तबादला
किया गया है। ‘अमर उजाला’ ने 22 जनवरी को प्रकाशित खबर में इस
बड़े घोटाले का खुलासा किया था।
वर्ष 2013
में तत्कालीन प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में गठित क्रय समिति ने फर्म
मनाक्षी को 600 बसों के लिए चेकर्ड प्लेट की सप्लाई का आदेश जारी किया था।
इस आदेश में कहा गया था कि फर्म एक साल में चेकर्ड प्लेट की सप्लाई देगी।
लेकिन क्रय समिति के प्रधान प्रबंधक (तकनीकी) मनोज रंजन ने उच्च अधिकारी से
अनुमति लिए बिना चार महीने में ही फर्म को चेकर्ड प्लेट की सप्लाई देने और
कानपुर स्थित प्रधान प्रबंधक (केंद्रीय कार्यशाला) और डॉ. राम मनोहर
लोहिया कार्यशाला को चेकर्ड प्लेट की सप्लाई लेने का आदेश जारी कर दिया।
इससे निगम के कई करोड़ रुपये फंस गए। यही नहीं, क्रय समिति के अध्यक्ष एवं
पूर्व प्रबंध निदेशक ने सिर्फ 600 बसों के लिए चेकर्ड प्लेट खरीदने का
अनुमोदन किया था, लेकिन फर्म से 1200 बसों के लिए चेकर्ड प्लेट खरीद ली गई।
इस खुलासे के बाद प्रबंध निदेशक मुकेश मेश्राम के निर्देश पर मुख्य प्रधान
प्रबंधक (प्रशासन) आरपी सिंह ने प्रधान प्रबंधक मनोज रंजन को चार्जशीट
जारी की थी और मुख्य प्रधान प्रबंधक (तकनीकी) निरंजन कुमार से स्पष्टीकरण
मांगा था।