राजधानी में खून के दलालों का रैकेट 15 निजी अस्पतालों तक फैला है। डॉक्टर व दलालों का गठजोड़ एक फोन कॉल पर बिना डोनर खून मुहैया कराता है। इसके बदले मोटी रकम वसूली जा रही है। इसका खुलासा छापे के दौरान दो ब्लड बैंकों से बरामद दस्तावेजों से हुआ है। ड्रग विभाग व पुलिस की संयुक्त टीमें जांच में जुटी हैं।
नारायणी और मेड लाइफ ब्लड बैंक में छापे के दौरान खून की जरूरत वाले फॉर्म मिले हैं। दो से तीन महीने के दस्तावेज और रजिस्टर देखने के बाद अधिकारियों ने इन अस्पतालों और खून के कारोबारियों के बीच गठजोड़ की आशंका जाहिर की है। टीम ने आशंका जाहिर की है कि जो दस्तावेज मिले हैं, उनमें से कई मामलों में खून बिना डोनर के मोटी रकम लेकर दिया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर माधुरी सिंह के मुताबिक, दोनों जगह से मिले दस्तावेजों की छानबीन कराई जा रही है।
इन इलाकों के हैं अस्पताल
गोमतीनगर कठौता झील, सरोजनीनगर, चिनहट, माल, बीकेटी समेत अन्य इलाकों के निजी अस्पतालों में इन ब्लड बैंकों ने जाल फैला रखा है।