रायबरेली। जिले में आलू की खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। हालात ये हैं कि 15 कोल्ड स्टोरेज फुल हो गए हैं, जबकि शेष 12 शीतगृहों में भी आलू भंडारण के लिए जगह कम बची है। ऐसे में आलू भंडारण करने वाले किसानों को निराशा हाथ लग रही है। शीतगृहों के सामने आलू से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅलियां खड़ीं हैं, लेकिन शीतगृह संचालक आलू भंडारण करने में आनाकानी कर रही है। जिले में कुल 27 कोल्ड स्टोरेज हैं। इन कोल्ड स्टोरेज में एक लाख 92 हजार मीट्रिक टन आलू रखने की क्षमता है।
अब तक एक लाख 70 हजार मीट्रिक टन आलू भंडारण किया जा चुका है। अभी भी करीब 50 हजार मीट्रिक टन आलू भंडारण करने के लिए शेष बचा है। किसान आलू रखने के लिए शीतगृह पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें जवाब मिल रहा है कि कोल्ड स्टोरेज फुल हो गए हैं। बारिश, ओलावृष्टि के चलते आलू सड़ न जाए, इसलिए आलू भंडारण करने को लेकर और मारामारी मची है। सलोन, जगतपुर, डीह समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों के शीतगृहों के सामने आलू भरी ट्राॅलियां खड़ी हैं। किसान तीन से पांच दिन से आलू भंडारण करने का इंतजार कर रहा है, लेकिन उनका दुखड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। इससे वे परेशान और हताश हैं। 15 कोल्ड स्टोरेज फुल होने पर बिचौलिये सक्रिय हो गए हैं। वह चहेते किसानों का आलू शीतगृहों में रखवाने का काम कर रहे हैं।
उत्पादन अधिक, कम रेट बन रहा परेशानी का सबब
जिले के 50 हजार किसान 6500 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर आलू की खेती करते हैं। इस बार ढाई लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू का उत्पादन हुआ है। एक तरफ जहां आलू का उत्पादन अधिक हुआ है, वहीं आलू के दाम इस बार कम हैं। ऐसे में किसानों को लागत निकालना मुश्किल है। लागत निकालने के चक्कर में किसान आलू भंडारण करने के लिए शीतगृह पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें निराशा लग रही है।
नहीं रखा जा रहा आलू
50 क्विंटल आलू का उत्पादन हुआ है। आलू रखने के लिए जगतपुर क्षेत्र के जिंगना स्थित कोल्ड स्टोरेज पहुंचा, लेकिन आलू नहीं रखा गया। आज कल में आलू रखने की बात कही जा रही है। इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है।
देवेंद्र तिवारी, किसान, रोहनिया
आलू की फसल इस बार घाटे का सौदा साबित हो रही है। मुनाफा कमाने की कौन कहे, लागत निकालना मुश्किल है। 40 क्विंटल आलू का उत्पादन हुआ है। आलू भंडारण के लिए शीतग़ृहों के चक्कर काट रहा हूूं, लेकिन उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नही हैं।
सुरेंद्र कुमार, किसान रोहनिया
जिले में एक लाख 70 हजार मीट्रिक टन आलू का भंडारण कराया जा चुका है। किसानों को समस्या को देखते हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की डयूटी कोल्ड स्टोरेज लगाई गई हैं। कहीं कोई समस्या नहीं आ रही है। अभी भी कोल्ड स्टोरेज खाली हैं। अब भंडारण के लिए ज्यादा आलू नहीं बचा है।
केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी