ठेकेदारों ने टेंडर डालने से किया इंकार
नहरों की सफाई श्रमिकों से कराई जाए : एक्सईएन
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। सिंचाई विभाग में ठेकेदारों ने प्रदर्शन करके आवाज बुलंद की। सभी ने नहरों की मैनुअल सफाई कराने से इंकार किया। कहा कि श्रमिकों से नहरों की सफाई कराना संभव नहीं है। समय के साथ बजट भी कम होने से नाराज ठेकेदारों ने टेंडर डालने से इंकार कर दिया। मंगलवार को भी ठेकेदारों ने टेंडर नहीं डाले, जिससे नहरों की सफाई आसान नहीं है।
जिले में 70 नहरों की सफाई नहरों की सफाई होनी है। इस बार प्रदेश सरकार ने नहरों की सफाई श्रमिकों से कराए जाने का निर्देश दिया है। 15 जून तक नहरों की सफाई हो जानी चाहिए, लेकिन अब तक टेंडर प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो सकी। सोमवार को ठेकेदारों को टेंडर के लिए बुलाया गया, लेकिन श्रमिकों से नहरों की सफाई की बात सामने आने पर किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला।
ठेकेदार आशीष बाजपेयी, वीरेंद्र बहादुर सिंह, महादेव प्रसाद, विजय बहादुर आदि ने बताया कि काम के लिए श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में मजदूरों से काम कराना संभव नहीं है। श्रमिकों से काम कराने का निर्णय बदला जाए या फिर बजट बढ़ाया जाए। उधर, सिंचाई विभाग के एक्सईएन सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि शासन का निर्देश है कि 50 क्यूसेक की नहरों की सफाई श्रमिकों से कराई जाए। उसी हिसाब से टेंडर डालवाए जा रहे हैं। अभी तक किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला है।