बाढ़ राहत तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा
- बाढ़ खंड में अधिकारियों की तैनाती के लिए शासन को भेजा जाएगा पत्र
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श्रावस्ती। कैंप कार्यालय सभागार में रविवार देर शाम डीएम ने आपदा से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बाढ़ के लिए संवेदनशील जिला मानते हुए शासन द्वारा यहां बाढ़ खंड स्थापित करने के बावजूद अधिकारियों की तैनाती नहीं होने पर चिंता जताई। साथ ही अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखने की बात भी कही।
बैठक में डीएम दीपक मीणा ने कहा कि शनिवार को उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रहे मनिकापुर, अमवा, सर्रा, अशरफनगर व तिलकपुर का दौरा किया था। जहां ग्रामीणों से मिलकर विगत वर्ष आई बाढ़ के दौरान हुई कठिनाइयों व उनके निवारण के संबंध में जानकारी ली गई। जिसमें पता चला कि आपदा के दौरान प्रभावितों को तत्काल राहत नहीं मिल पाती है। ऐसे में बाढ़ आने पर तत्काल राहत के लिए सभी संबंधित अधिकारी प्रभावित रहे गांवों का दौरा कर तत्काल कार्य योजना एवं कम्युनिकेशन प्लान तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिले को बाढ़ के लिए संवेदनशील मानते हुए यहां बाढ़ खंड की स्थापना की है। साथ ही शासन द्वारा अधिशासी अभियंता का पद सृजित किया गया है। इसके बावजूद अब तक न तो कार्यालय की स्थापना हुई और न ही अधिशासी अभियंता की तैनाती की गई है। इसके लिए तत्काल शासन को पत्र लिखा जाएगा। जिससे बाढ़ या दैवीय आपदा के दौरान बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता द्वारा लोगों को राहत दी जा सके। डीएम ने डीडीएजी व सीएमओ को बाढ़ के दौरान सीमा क्षेत्रों में विभाग में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को बाढ़ चौकियों पर तैनात कर उनका नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर व स्थान का उल्लेख करते हुए कंट्रोल रूम को सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही सभी एसडीएम को सीचपालों, नाविकों एवं जेसीबी मशीन के मालिकों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड छह को बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए तटबंध व अन्य कार्यों को अपनी देखरेख में गुणवत्ता पूर्ण ढंग से समय पर पूरा कराने का निर्देश दिया। बैठक में एडीएम ओपी सिंह, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार व डीएसओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।