शहरी क्षेत्रों में शामिल गांवों में लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए यह योजना तैयार की गई है। इसके तहत नव गठित व सीमा विस्तार वाले निकायों में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगा गया है।
शासन के सख्त निर्देश के बाद भी निकाय अधिकारी मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के क्रियान्वयन के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) नहीं भेज रहे हैं। इससे योजना शुरू नहीं हो पा रही है। अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि 147 निकायों ने अब तक डीपीआर नहीं भेजी है। इनमें नौ नगर निगम, 42 पालिका परिषद और 96 नगर पंचायतें शामिल हैं।
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शहरी क्षेत्रों में शामिल गांवों में लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए यह योजना तैयार की गई है। इसके तहत नव गठित व सीमा विस्तार वाले निकायों में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। लेकिन निकाय अधिकारी इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। जिन निकायों ने अब तक डीपीआर नहीं भेजी है उनमें लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा-वृंदावन व शाहजहांपुर नगर निगम भी शामिल हैं। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय निकाय निदेशक नेहा शर्मा ने निकायों को सुनियोजित विकास का प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं।
सीएम से शुरुआत कराने की तैयारी
निकायों से डीपीआर मिलने के बाद इस योजना की विधिवत शुरुआत मुख्यमंत्री से कराने की तैयारी है। डीपीआर मिलने के बाद निकायों को पैसा दिया जाएगा और एक साथ विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास कराया जाएगा।