फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की सैंपलिंग की गईं 400 उत्तर पुस्तिकाएं जांच कर बुधवार को ही वापस आई हैं। विश्वविद्यालय इन उत्तर पुस्तिकाओं पर तीन दिन से मंथन कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाया है। खास यह है कि पुनर्मूल्यांकन कर वापस आईं उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा नियंत्रक के पास न जाकर सीधे कुलसचिव के कार्यालय पहुंच गई हैं। इससे मूल्यांकन में किसी बड़ी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से यह कहा जा रहा है कि सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक के बाद सैंपलिंग की उत्तर पुस्तिकाओं के निर्णय सार्वजनिक किए जाएंगे।
अवध विश्वविद्यालय के घोषित परीक्षा परिणामों में एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के फेल होने के बाद छात्र नेताओं की ओर से आंदोलन किया गया था। छात्र 21 से 28 जून तक आंदोलित रहे। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले 100 फिर बाद में 400 उत्तर पुस्तिकाओं की सैंपलिंग कराने का निर्णय लिया था। 30 जून को विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाहरी शिक्षकों के पैनल से कॉपियों की जांच करने के लिए भेज दिया है। चार जून को उत्तर पुस्तिकाएं दोबारा जांच कर वापस आ गई हैं। अभी तक इन उत्तर पुस्तिकाओं की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा सका है। इन उत्तर पुस्तिकाओं पर मंथन का दौर जारी है। पुनर्मूल्यांकन होकर वापस आईं उत्तर पुस्तिकाएं वीसी कार्यालय के बाद अब कुलसचिव कार्यालय की शोभा बढ़ा रही हैं। इसमें बढ़े-घटे अंक वाले छात्र-छात्राओं की अलग सूची तैयार की जा रही है। शनिवार को पूरे दिन लिस्ट बनाने की प्रक्रिया जारी रही। बताया जा रहा है कि लिस्ट बनाने की प्रक्रिया रविवार को भी चलेगी। इसके बाद सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में निर्णय के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। बता दें कि इससे पूर्व परीक्षा समिति की बैठक में ही 400 उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन व उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने का निर्णय पहले ही हो चुका है।
छात्रों को दिखाई जाएं सैंपलिंग की उत्तर पुस्तिकाएं
पुनर्मूल्यांकन की मांग को लेकर आंदोलित रही छात्र मीनाक्षी उपाध्याय का कहना है कि सिर्फ उत्तर पुस्तिकाओं की रिपोर्ट को नहीं, बल्कि संबंधित छात्रों को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं भी दिखाई जानी चाहिए। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले भी मूल्यांकन कराया था, सैंपलिंग भी विवि की ओर से ही कराई गई है। ऐसे में विश्वविद्यालय की ओर से पुनर्मूल्यांकन की उत्तर पुस्तिकाओं को छात्रों को दिखा कर उनकी खोई विश्वसनीयता वापस लाई जानी चाहिए।
पुनर्मूल्यांकन के लिए भेजी गईं उत्तर पुस्तिकाएं वापस आ गई हैं। मौजूदा समय में यह कुलसचिव के पास मौजूद हैं। संभावना यह है कि सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक के बाद पुनर्मूल्यांकन की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
- एमपी सिंह, परीक्षा नियंत्रक, अवध विवि, फैजाबाद