बलरामपुर। नीति आयोग के प्रयास से जिले के 2022 मजरे रोशन होंगे। विद्युतीकरण होने इन मजरों के डेढ़ लाख लोग लाभान्वित होंगे। केंद्र की सौभाग्य योजना से गरीबों को निशुल्क कनेक्शन मुहैया कराया जाएगा। कार्यदाई संस्थाओं को विद्युतीकरण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चालू वित्तीय वर्ष में विद्युतीकरण का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
बीपीएल व सामान्य परिवारों को मिल रहा लाभ
भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना का लाभ वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर बीपीएल व गरीब सामान्य परिवारों को दिया जा रहा है। बीपीएल परिवारों को फ्री कनेक्शन के साथ-साथ केबिल, मीटर बोर्ड व एक बल्ब भी निशुल्क दिया जा रहा है। सामान्य श्रेणी के परिवारों को भी कनेक्शन देकर उनसे बिल के साथ 50 रुपये प्रतिमाह की दर से किस्त के रूप में 12 महीने तक वसूली करने का प्रावधान है। सौभाग्य योजना के तहत जिले के 2022 मजरों में भी सभी गरीबों के घरों को रोशन किया जाएगा।
मजरों के रोशन न होने से नहीं मिल रहा लाभ
जिले के 2022 मजरों में विद्युतीकरण न होने से यहां की करीब डेढ़ लाख आबादी को भारत सरकार की सौभाग्य योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन मजरों के लोगों का कहना है कि कई बार सर्वे कराया गया लेकिन मजरों में अभी तक विद्युतीकरण की प्रक्रिया शुरू ही नहीं की गई है। इन मजरों के लोग आजादी के 70 साल बाद भी ढिबरी के सहारे रात गुजार रहे हैं। इन मजरों के लोगों ने शासन-प्रशासन से विद्युतीकरण कराने तथा सौभाग्य योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग की है।
पावर फॉर ऑल योजना के तहत हुआ सर्वे
नीति आयोग के निर्देश पर जिले के 2022 मजरों में विद्युतीकरण कराने के लिए ‘पावर फॉर ऑल’ योजना के तहत सर्वे कराया गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति नई योजना तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय 12वीं योजना के तहत वर्ष 2018 से 2022 तक जिले में विद्युतीकरण से वंचित 2022 मजरों को रोशन किया जाएगा। डीएम कृष्णा करुणेश के निर्देश पर एक्सईएन पावर कार्पोरेशन जेपीएस परिहार के माध्यम से गत वित्तीय वर्ष में सर्वे रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जा चुकी है।
-पीसी जायसवाल, सीडीओ