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बहराइच व गोंडा के बीच मई से दौड़ेंगी ट्रेनें

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बहराइच। बहराइच और गोंडा के मध्य आमान परिवर्तन का कार्य पूरा हो गया है। 60 किलोमीटर की मीटर गेज रेल लाइन को ब्राडगेज में परिवर्तित कर दिया गया है। मालगाड़ी और खाली इंजन दौड़ाकर ट्रायल लिया जा रहा है। रेलवे संरक्षा आयुक्त की टीम के दौरे के बाद ओके रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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रेलवे का प्रयास है कि मई से बहराइच-गोंडा के मध्य ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाए। अमान परिवर्तन के कारण रेलवे स्टेशन बहराइच के साथ ही गोंडा बहराइच प्रखंड के सभी सात स्टेशनों की सूरत भी संवारी गई है। यात्री सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।

गोंडा-मैलानी प्रखंड पर केंद्र सरकार ने प्रथम चरण में गोंडा से बहराइच के मध्य मीटरगेज रेल लाइन को ब्राडगेज में परिवर्तित करने की हरी झंडी वर्ष 2000 में दी थी। 2001 में तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने बहराइच पहुंचकर आमान परिवर्तन कार्य का उद्घाटन किया था।
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लेकिन बजट जारी होने में लेट लतीफी के कारण आमान परिवर्तन कार्य में 17 साल का समय लग गया। सप्ताह भर पूर्व आमान परिवर्तन का कार्य पूरी तरह पूर्ण हो गया है। समपार फाटक व रेलवे क्रॉसिंगों पर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो रही हैं। इस समय मालगाड़ी और खाली इंजन का संचालन रात के समय कर ट्रॉयल लिया जा रहा है। ट्रॉयल भी लगभग पूरी तरह सफल है।

स्टेशन अधीक्षक मदन मोहन प्रसाद और सहायक मंडल इंजीनियर रवि प्रकाश ने बताया कि आमान परिवर्तन का कार्य पूर्ण हो चुका है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। रेलवे संरक्षा आयुक्त एके पांडेय रेल ट्रैक का मुआयना करेंगे। इसकी भी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को भेजी जाएगी, जिसके पखवारे भर बाद ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी मिल जाएगी।

दोनों अधिकारियों ने बताया कि आगामी तीन से चार दिन में रेलवे संरक्षा आयुक्त का दौरा गोंडा-बहराइच के मध्य संभावित है। संरक्षा आयुक्त के दौरे के बाद कार्य में तेजी आएगी। दोनों अधिकारियों ने बताया कि आमान परिवर्तन कार्य पर अब तक 200 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जिससे ट्रैक परिवर्तन के साथ ही पुल और पुलियों के चौड़ीकरण, रेलवे क्रॉसिंग, समपार फाटक के दुरुस्तीकरण का कार्य पूरा किया गया है।

बहराइच से बनारस और गोरखपुर के लिए चल सकती ट्रेनें
स्टेशन अधीक्षक मदन मोहन प्रसाद ने बताया कि बहराइच तक बड़ी रेल लाइन की ट्रेनों का संचालन गोंडा से होगा। जो तैयारी है, उसके तहत बहराइच से बनारस और गोरखपुर के लिए सीधी ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। वैसे बहराइच से वाया गोंडा, लखनऊ के लिए भी ट्रेनों का संचालन होगा।

बदल गई प्लेटफार्मों की सूरत
आमान परिवर्तन कार्य के साथ बहराइच समेत गोंडा-बहराइच के मध्य स्थित सभी सात प्लेटफार्मों की शुरुआत भी बदल गई है। बहराइच के प्लेटफार्म नंबर एक पर पेयजल और यात्रियों के बैठने की व्यवस्थाएं पहले से थी। अब प्लेटफार्म नंबर दो पर भी तीन टीनशेड का निर्माण कर दिया गया है। इसके साथ ही प्लेटफार्म नंबर एक और दो के बीच आवागमन के लिए फुटओवर ब्रिज का निर्माण हुआ है।

यात्री सुविधाओं में ये होगा इजाफा
-प्लेटफार्म नंबर दो पर तीन स्टैंडपोश का निर्माण।
-आरक्षण के लिए एक और काउंटर स्थापना का प्रस्ताव।
-स्टेशनों के अनुरूप टिकट बुकिंग खिड़की बढ़ेगी।
-स्टेशन अधीक्षक स्विच रूम को जीआरपी चौकी के निकट स्थानांतरित किया।
-गोंडा से मैलानी के मध्य एक और पुलिस चौकी का निर्माण प्रस्तावित।
-आरपीएफ और जीआरपी पुलिसकर्मियों की संख्या में होगा इजाफा।

अब मोहम्मदा नाला पर नहीं होगा रुकना
बहराइच और रिसिया रेलवे स्टेशन के मध्य मोहम्मदा नाला रेलवे क्रॉसिंग आसाम रोड पर स्थित है। वाहनों का निरंतर आवागमन होता है।

ट्रेनों के आवागमन के समय क्रॉसिंग बंद होने पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इस समस्या को देखते हुए रेलवे ने यहां पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया है।

सहायक मंडल इंजीनियर रवि प्रकाश ने बताया कि 22 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। प्रयास है कि वर्ष 2019 तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए।
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