बलरामपुर। गुरुवार भोर में बेलहा मोड़ के पास हुई मार्ग दुर्घटना ने प्रभावित परिवारीजनों को गहरा जख्म दे दिया है। दुर्घटना में किसी ने अपनी मां व भाई को खो दिया तो कोई अपने कलेजे के टुकड़े से बिछड़ गया। हादसे के बाद घायलों को करीब एक घंटे तक सरकारी मदद का इंतजार करना पड़ा। पीड़ित बच्चे की मां का कहना है कि यदि समय से एंबुलेंस पहुंच जाती तो शायद उसका बच्चा उससे नहीं बिछड़ता।
शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर तुलसीपुर से दर्शन-पूजन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की पिकअप दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से मां कलावती तथा बेटा लालाराम की मौके पर ही मौत हो गई। घायल मां कृष्णा का पांच महीने का मासूम अभय भी उसका साथ छोड़कर चला गया। कृष्णा का कहना है कि अगर अभय को समय से अस्पताल पहुंचा दिया गया होता तो शायद उसकी जान बच जाती। भोर में करीब 2.30 बजे नेशनल हाई-वे पर हुई इस दुर्घटना में घायल करीब एक घंटे तक वहीं तड़पते रहे। रात के सन्नाटे में घायलों की चीख-पुकार दूर तक सुनाई दे रही थी। घटनास्थल के निकट ढाबे पर मौजूद लोग घायलों के लिए मसीहा बनकर पहुंचे और मामले की सूचना पुलिस तथा एंबुलेंस को दी। जनपद मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर घटनास्थल पर एंबुलेंस व पुलिस की गाड़ी करीब एक घंटे बाद पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही मृतकों व घायलों के परिवारीजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में काफी देर तक रोने-चिल्लाने के बीच लोग अपनों का हाल जानने को परेशान रहे।