आंधी के साथ बूंदाबांदी, अमेठी में गिरे ओले
रायबरेली। जिले में रविवार रात आंधी के साथ ही हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे गेहूं की फसल की कटाई-मड़ाई का कार्य ठप हो गया। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल बिखर गई। उधर, अमेठी जिले के जायस कस्बे और तिलोई क्षेत्र में 10 मिनट तक ओले गिरे। इससे गेहूं की फसल तबाह हो गई। अचानक बदले मौसम के मिजाज से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।
रविवार रात करीब 12 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला। तेज आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी भी होने लगी। कुछ देर बाद बूंदाबांदी तो बंद हो गई, लेकिन आंधी काफी देर तक चली। इस वजह से मौसम ठंडा हो गया। लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, मगर इससे गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
राही, ऊंचाहार, सरेनी, ऊंचाहार, सलोन, बछरावां, हरचंदपुर समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों में खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल इधर-उधर बिखर गई। फसल नरम होने से कटाई-मड़ाई का कार्य ठप हो गया। राही ब्लॉक क्षेत्र के किसान पिंटू सिंह, दिनेश कुमार, सप्तीदान ने बताया कि गेहूं की फसल खेत में कटी पड़ी थी। आंधी के कारण फसल उड़ गई। यदि बारिश हो जाती तो नुकसान हो जाता।
फुरसतगंज प्रतिनिधि के मुताबिक, अमेठी जिले के जायस कस्बे में भी तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई। इस दौरान ओले भी गिरे। कस्बा निवासी रामबाबू, राजेश सोनी, गोपीचंद्र, शकील ने बताया कि करीब 10 मिनट ओले गिरे। ओले गिरने के कारण गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि तेज बारिश नहीं हुई, वरना फसल का और नुकसान होता। उधर, तिलोई क्षेत्र में भी बारिश के साथ ओले गिरे। इससे फसल को नुकसान हुआ है।
आंधी और बूंदाबांदी के चलते रविवार देर रात जिलेभर में दो घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे लोगों को परेशानी हुई। रात 12 बजे जैसे ही आंधी के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई, वैसे ही विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। देहात क्षेत्र में दो घंटे आपूर्ति बाधित रही। गनीमत रही कि इस दौरान कहीं पर तार टूटने की शिकायत नहीं आई। शहर में भी आपूर्ति ठप रही।
वहीं, मोहनगंज थाना क्षेत्र के पूरे मोती मजरे रास्तामऊ में रविवार रात आंधी व बारिश के कारण छप्पर गिरने से दबकर पांच लोग घायल हो गए। सभी का अस्पताल में इलाज कराया गया। पूरे मोेती गांव निवासी सुरेंद्र के घर रविवार रात वैवाहिक कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गांव के लोग आए थे।
श्यामलाल के घर के सामने रखे छप्पर के नीचे सभी बैठे थे। इसी दौरान आंधी व बारिश शुरू हो गई, जिससे छप्पर भरभराकर ढह गया। इससे छप्पर के नीचे बैठे रामसेवक वर्मा, रामकुमार, राममूरत, भगवानदीन व रामसजीवन घायल हो गए। हादसे के बाद एसओ धीरेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।
उप कृषि निदेशक महेंद्र सिंह ने बताया कि, जिले में आंधी व बूंदाबांदी से फसल को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। मौजूदा समय में आधी से ज्यादा गेहूं की फसल की कटाई-मड़ाई का कार्य पूरा हो गया है। जो बची फसल है, उसकी भी किसान जल्द मड़ाई करने की तैयारी में हैं।