बाराबंकी। जिले में बढ़ रही डकैती, लूट व चोरी की वारदातों पर पुलिस अंकुश नहीं लगा पा रही है। एसपी ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक स्पेशल पुलिस टीम का गठन किया है। इस टीम में शामिल पुलिस कर्मी क्राइम ब्रांच की टीम के अतिरिक्त अलग से अपना काम कर अपराध पर अंकुश लगाने का प्रयास करेंगे।
बीते एक माह से जिले में बढ़ते अपराध ने पुलिस व आम लोगों को परेशान कर रखा है। एक सप्ताह के अंतराल में प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे गांवों में हो रहीं डकैती की वारदातों ने पुलिस सक्रियता की पोल खोलकर रख दी है और सीएम से लेकर पुलिस महकमे के आला अधिकारी भी इसको लेकर जिला पुलिस को सख्त हिदायत दे रहे हैं। ऐसे में इन सबसे निपटने के लिए एसपी ने जहां क्राइम ब्रांच व सर्विलांस सेल की टीमों को लगा रखा है, वहीं अब एक और स्पेशल पुलिस टीम का गठन किया गया है। यह पुलिस टीम सिर्फ लंबित डकैती व लूट के मामलों का खुलासा करने के लिए बेहतर तरीके से काम करेगी। कई दिनों से जिले में डकैती व लूट की वारदातों से दहशत फैलाए बदमाशों को पकड़ पाना इस स्पेशल पुलिस टीम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
स्पेशल पुलिस टीम के प्रभारी बने बृजेश
अभी दो दिन पहले ही रामसनेहीघाट कोतवाली प्रभारी पद से कप्तान द्वारा हटाए गए एसआई बृजेश चंद्र तिवारी को अब स्पेशल पुलिस टीम का प्रभारी बनाया गया है। एसपी जहां पहले कह रहे थे कि यह थानेदार अपराध पर नियंत्रण नहीं कर सके, वहीं स्पेशल टीम का प्रभारी इन्हीं थानेदारों में से एक को बनाने पर यह सवाल उठने लगे हैं कि किस तरह से अपराध व अपराधियों पर अंकुश लग सकेगा। इसके साथ ही इस टीम में इसरौली चौकी प्रभारी सुनील कुमार सिंह, कांस्टेबल रमेश उपाध्याय, रामनयन सिंह, इनामुल खां, विनय कुमार सिंह, पवन सिंह व संजीव सिंह को शामिल किया गया है।