बच्चों की पढ़ाई चौपट, खेतों से किसान गायब
रोहनियां (रायबरेली)। अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग कांड के 13 दिन बाद भी गांव में दहशत का आलम ये है कि न बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं और न खेतों में किसान दिख रहे हैं। स्कूली वैन को भी गांव नहीं जाने दिया जा रहा है। गांव में अब भी पुलिस-पीएसी तैनात है।
अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग में पांच लोगों की हत्या के 13 दिन बीत जाने के बाद भी गांव छोड़कर पलायन कर गए लोग वापस नहीं आए हैं। गांव में सिर्फ कुछ महिलाएं ही बची हुई हैं। बारिश होने के बावजूद खेतों में धान रोपाई ठप पड़ी है। गांव में पुरुषों के न होने से खेती के सारे काम बाधित हो गए हैं।
कभी पुलिस के पकड़ कर ले जाने की तो कभी पूछताछ करने की बात होती है। इससे गांव के लोग दहशत में हैं। हालात सामान्य होने तक कोई भी गांव वापस लौटना नहीं चाहता है। खास बात ये है कि इस कांड से बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था बाधित है। बताते हैं कि जगतपुर से एक स्कूली वैन बच्चों को लाने के लिए गई थी, लेकिन पुलिस ने उसे गांव के अंदर नहीं जाने दिया था। अभिभावक भी बच्चों को असुरक्षित मानकर स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।