किसानों ने सजाई 131 किस्मों के आम व जामुन की प्रदर्शनी
आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आम व जामुन दिवस का आयोजन
कुलपति ने कहा, स्थानीय प्रजातियों के फलों का वैज्ञानिक ढंग से किया जाएगा संरक्षण
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अयोध्या। आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में मंगलवार को आम व जामुन दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र के जनपदों के बागवान व किसानों ने अपने बागों के उत्पादित आमों व जामुन का प्रदर्शन प्रशासनिक भवन के हाल में लगी प्रदर्शनी में किया। प्रदर्शनी में कुल 98 प्रजातियों के आम व 33 प्रकार की प्रजातियों के जामुन के फल विभिन्न किसानों द्वारा शामिल किए गए। प्रदर्शनी का शुभारंभ विवि के कुलपति प्रो. जेएस संधू ने किया।
इस दौरान संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि हमारे किसानों व बागवानों के पास अभी इन फलों की ऐसी देसी व स्थानीय प्रजातियां उपलब्ध हैं जिन पर वैज्ञानिक रीति से कार्य करके उनका संरक्षण किया जा सकता है। कहा कि यह आयोजन आम व जामुन जैसे फलों के जनन द्रव्यों को एकत्र करने व संरक्षित करने का बेहतरीन मंच है। उन्होंनेे विभिन्न जनपदों से आए किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के द्वार उनके व कृषि के विकास के लिए सदैव खुले हैं। विवि फार्मर गार्डन के नाम से किसानों को विश्वविद्यालय के अंदर ऐसा प्रछेत्र उपलब्ध कराएगा जिसमें किसान भाई अपने पास उपलब्ध आम व जामुन की किस्मों को रोपित कर सकेंगे और उन पौधों की देखरेख संबंधित कृषक के नाम पर विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं की जाएगी। कुलपति ने यह भी प्रस्ताव रखा कि जब वैज्ञानिक शोध के आधार पर संबंधित पौधे से कोई नई किस्म विकसित होगी तो उसका नामकरण संबंधित किसान के परिवार अथवा उसके द्वारा सुझाए गए नाम के आधार पर किया जाएगा। इस अवसर पर कुलपति ने प्रतिभागी कृषकों व बागवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
संगोष्ठी में कुलपति का स्वागत प्रगतिशील कृषक चौधरी महेंद्र प्रताप सिंह, संतोष कुमार सिंह ने माल्यार्पण कर व विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। अतिथियों का स्वागत निदेशक प्रसार डॉ. एपी राव ने किया। कार्यक्रम में निदेशक प्रसाशन डॉ. आरके जोशी, निदेशक शोध डॉ. वीएन राय, वित्त नियंत्रक लाल प्रताप सिंह व अधिष्ठाता उद्यान एवं वानिकी डॉ. विक्रमा प्रसाद पांडेय समेत कृषि विज्ञान केंद्रों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मी व विद्यार्थी उपस्थित रहे।