केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, छत्तीसगढ़ व दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। इन राज्यों से राजधानी आए 125 लोगों की निगरानी करवाई जा रही है। ये लोग स्वास्थ्य विभाग के कमांड सेंटर से संपर्क में हैं और कोई भी लक्षण दिखने पर इनकी जांच होगी।
वहीं, पॉजिटिव निकलने पर इन्हें अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। बाहर से आए इन लोगों की निगरानी के लिए मोहल्ला समिति को भी अलर्ट किया गया है। वहीं, कांटेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर जांच के दौरान ट्रेवल हिस्ट्री भी ली जा रही है।
सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि जिले में कोरोना फिर न बढे़, इसके लिए गैर राज्यों व विदेशों से आने वालों को कमांड सेंटर से संपर्क में रखा जा रहा है। सर्विलांस टीम को इन लोगों पर विशेष नजर रखने के लिए कहा गया है। टोल प्लाजा पर महाराष्ट्र, पंजाब या दिल्ली की ओर से आने वालों की कोविड जांच की जा रही है।
होटल संचालकों को भेजी होगी सूचना
सीएमओ ने बताया कि शहर के सभी होटलों को पत्र भेजा गया है। इन पांच राज्यों से आने वालों की पूरी डिटेल सीएमओ ऑफिस को देनी होगी। जानकारी न देने वाले होटल संचालकों पर कार्रवाई होगी। अब तक करीब 300 लोगों की जांच करवाई जा चुकी है, हालांकि कोई पॉजिटिव नहीं मिला है।
यूपी का कोरोना रिकवरी रेट 98.20
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि सूबे में कोरोना से रिकवरी का प्रतिशत अब 98.20 है। प्रदेश में शुक्रवार को 1,17,537 सैम्पल की जांच की गई। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में कुल 3 करोड़, 11 लाख, 71 हजार 541 कोरोना सैंपल की जांच हो चुकी है।
हर दिन हों कम से कम सवा लाख जांचें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड नियंत्रण के लिए फोकस टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने हर दिन सवा लाख से अधिक जांच कराने के निर्देश दिया है। प्रदेश के बाहर से आने वालों की जांच कराने, क्वारंटीन कराने और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को सक्रिय रखने पर जोर दिया है।
सीएम ने कहा कि कुछ राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। उत्तर प्रदेश में बाहरी राज्यों से आ रहे लोगों की कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग एवं क्वारंटीने की आवश्यकतानुसार व्यवस्था की जाए। लोगों को लगातार जागरूक किए जाने की भी जरूरत है।