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गोंडा: दो किसानों को सांडों ने पटककर मार डाला

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किसानों की खून-पसीने की मेहनत से तैयार फसलें चौपट करने वाले छुट्टा मवेशी अब उनकी जान पर भी भारी पड़ रहे हैं। जिले के दो गांवों में फसल की रखवाली करने के दौरान सांड़ के हमलों में दो लोगों की मौत हो गई।

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उमरीबेगम गंज थाना क्षेत्र के ग्राम सोनौली मोहम्मदपुर निवासी किसान सियाराम (50) शनिवार सुबह अपने खेत गया था। वहां उसकी गेहूं की फसल एक सांड़ चर रहा था। सियाराम ने सांड को खदेड़ा तो वह उस पर हमलावर हो गया। सांड ने सियाराम को पटक दिया। पेट में सींग घुसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी से सियाराम के परिवारीजन में कोहराम मच गया। खेत में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सियाराम की परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। उसके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां व एक बेटा है। घटना से सभी का रो-रोकर बुरा हाल था।
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तहसीलदार ईवेंद्र कुमार ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर ढांढस बंधाया। लेखपाल रामशंकर ओझा ने बताया कि मृतक को किसान दुर्घटना बीमा योजना का लाभ दिलाया जाएगा। थानाध्यक्ष उमरी बेगमगंज जितेंद्र यादव ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

ग्रामीणों का कहना है कि शासन का फरमान गांव-गांव में आश्रय केंद्र बनाने का है मगर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते बरौली न्याय पंचायत में अब तक आश्रय केंद्र का निर्माण नहीं हो सका। इसके चलते किसानों में आक्रोश व्याप्त है।

वहीं मोतीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बेलावा निवासी जगन्नाथ पांडेय (52) शनिवार को अपने खेत की रखवाली करने गया था। अपने खेत में सांड को गेहूं की फसल चरते देख जगन्नाथ हांकने लगा। इसी दौरान सांड ने दौड़ाकर जगन्नाथ पर हमला कर दिया। हमले में घायल जगन्नाथ की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना से परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जबकि छुट्टा पशुओं को लेकर प्रशासन की बेपरवाही से किसानों में जबर्दस्त आक्रोश व्याप्त है। ग्राम प्रधान रमेश मिश्र ने बताया कि सांड के हमले में किसान जगन्नाथ की मौत हो गई। घटना की सूचना तहसील प्रशासन को दी गई है।

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