गोंडा। जिला योजना की बैठक में जिले के विकास के लिए 406 करोड़ 72 लाख रुपये के परिव्यय का अनुमोदन हुआ। जनपद के प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में परिव्यय को मंजूरी मिली, वहीं विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी नसीहत भी दी गई।
जिला योजना की बैठक में अनुमोदित परिव्यय में मनरेगा के मद में 14638.75 लाख, ग्रामीण आवास के लिए 9739.10 लाख, ग्रामीण स्वच्छता के लिए 7100 लाख, कृषि विभाग के लिए 30 लाख, गन्ना विभाग के लिए 440 लाख, लघु एवं सीमान्त कृृषकों को सहायता के लिए 278.36 लाख , निजी लघु सिंचाई के लिए 51.72 लाख, पशुपालन के लिए 104.70 लाख, दुग्ध विकास के लिए 162.12 लाख, वन विभाग के लिए 807.54 लाख, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 382 लाख, पंचायतीराज विभाग के लिए 572 लाख, राजकीय लघु सिंचाई के लिए 29.95 लाख, नेडा विभाग को 96.30 लाख, खादी ग्रामोद्योग के लिए 3 लाख, लोक निर्माण विभाग के लिए 1201.25 लाख, विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी के 10 लाख पर्यावरण के लिए 10 लाख, बेसिक शिक्षा विभाग के लिए 65.35 लाख, पर्यटन विभाग के लिए 210 लाख, माध्यमिक शिक्षा के लिए 635 लाख, पालीटेक्निक के लिए 158.99 लाख, प्रादेशिक विकास दल के लिए 6.40 लाख परिवार कल्याण के लिए 50 लाख, एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 200 लाख, आयुर्वेदिक यूनानी के लिए 7 लाख, होम्योपैथिक के लिए 60 लाख, नगरीय पेयजल के 82 लाख, ग्रामीण पेयजल के 100 लाख, अनुसूचित जाति कल्याण के 232.60 लाख पिछड़ा वर्ग कल्याण 4.73 लाख, अल्प संख्यक कल्याण के लिए 16.20 लाख, सामान्य जाति छात्रवृत्ति के लिए 742 लाख, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के लिए 100 लाख, समाज कल्याण के लिए 1900 लाख विकलांग कल्याण के लिए 111.20 लाख, महिला कल्याण के लिए 183.30 लाख तथा सिंचाई एवं जल संसाधन कार्यक्रम के लिए 150 लाख सहित कुल 40672 लाख रुपये का परिव्यय अनुमोदित हुआ।
बैठक में जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर प्रभारी मंत्री ने जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में पिछले एक वर्ष के दौरान खरीदे गई दवाइयों, उपकरणों तथा अन्य सामानों की खरीद की जांच पांच सदस्यीय जिला स्तरीय समिति से कराने के आदेश दिए हैं। सांसद गोंडा ने सदन में मांग की कि जिला अस्पताल में विगत एक वर्ष में जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में हुई खरीद की जांच कराई कराई जाय। सदर विधायक द्वारा एंबुलेंस समय से न मिलने का मामला सदन के संज्ञान में लाया गया जिस पर सीएमओ को सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी गई है। इसी प्रकार लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराई गई बोरिंगों की जांच प्रत्येक ब्लाक के दो-दो गांवों में कराने के लिए टीम गठित करने, दुग्ध विकास विभाग द्वारा समितियों को दी गई धनराशि की जांच कराने के लिए टीम गठित करने, कूक नगर ग्रन्ट में वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा हटवाए जाने, एलआएलएम द्वारा जनपद में गठित स्वयं सहायता समूहों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने, पंचायतीराज विभाग द्वारा बिना जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव के केसी ड्रेन्स का निर्माण कार्य कराए जाने की जांच कराने के लिए जिला स्तर पर कमेटी गठित करने एवं दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने के आदेश दिए गए हैं।
ग्रामीण आवास योजना में पात्र लाभार्थियों को तृतीय किस्त अभी तक न जारी किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई तथा सभी लाभार्थियों को दो दिन में किस्त जारी करने के निर्देश दिए गए। पर्यटन विभाग के तहत जनपद के सभी ऐतिहासिक एवं पौराणिक तथा पर्यटन के दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। जनपद के चयनित 12 पर्यटन स्थलों को दो करोड़ दस लाख रूपए की लागत से विकसित किया जाएगा जिसमें महाराजा देवीबक्श सिंह स्मारक, पृृथ्वीनाथ मंन्रि, पतन्जलि की जन्मभूमि कोड़र, बाराही देवी मंदिर, स्वामी नरायन छपिया मन्दिर, खैरा भवानी मन्दिर सहित जिले के तमाम ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में कैबिनेट मंत्री समाज कल्याण रमापति शास्त्री, जिला पंचायत अध्यक्षा केतकी सिंह, सांसद गोंडा कीर्तिवर्धन सिंह, डीएम कैप्टेन प्रभांशु श्रीवास्तव, विधायक सदर प्रतीक भूषण सिंह, विधायक तरबगंज प्रेम नरायन पाण्डेय, विधायक मेहनौन विनय द्विवेदी, विधायक गौरा प्रभात वर्मा, विधायक कटरा बावन सिंह, सीडीओ अशोक कुुमार, एमएलसी रणविजय सिंह, सपा जिलाध्यक्ष महफूज खां आदि मौजूद रहे।