(रायबरेली। एक ही परिवार व उसके रिश्तेदारों के छह शव जब अंतिम संस्कार के लिए निकले तो हर कोई रो पड़ा। मीरा सवैया और रघुनाथपुर लबेदवा गांव में हर तरफ चीखें ही सुनाई दीं। वहां मौजूद लोगों की आंखों से आंसुओं की धारा फूट पड़ी। महिलाएं, बुजुर्ग, नवयुवक सभी इस दुखदाई हादसे से द्रवित थे। अपनों को खोने के गम में हर कोई दुखी था। इस दर्दनाक हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। आसपास के गांवों में मातम पसरा था। सभी के चेहरे पर इस हादसे का गम साफ दिख रहा था। दोनों गांवों में लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जले। पूरी रात गांव में चीख ही सुुुनाई पड़ रही थी। हादसे का शिकार हुए परिवार के रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहा। जब भी कोई रिश्तेदार पहुंचता तो वहां कोहराम मच जाता था। नम आंखों के बीच गोकना गंगाघाट पर शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
ऊंचाहार थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर लबेदवा गांव निवासी अंकुश मौर्य (26) पुत्र रामकिशोर, उसकी मां केशकली (55) और मीरा सवैया गांव की रहने वाली उसकी बहन अनूपा देवी (34) पत्नी रामरतन, भांजी परी (2), आराध्या (डेढ़ साल), भांजा प्रिंस (12) की रविवार को सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जबकि मृतक अंकुश की भांजी कोमल (13) पुत्री रामरतन, चचेरी बहन अनीता (25), सगी बहन सोनम (40) पत्नी अजय कुमार उर्फ छोटेलाल गंभीर रूप से घायल हो गई थी। यह हादसा उस समय हुआ था, जब सभी मनगढ़ धाम से दर्शन करने के बाद सफारी से घर लौट रहे थे। घायलों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के बाद ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया था। हादसे के बाद सभी छह शवों का रात में ही पोस्टमार्टम कराया गया था।
सोमवार को मीरा सवैया और रघुनाथपुर लबेदवा गांव में शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। चारो तरफ चीख पुकार सुनकर हर किसी का हृदय विदीर्ण हो उठा। सुबह से ही गांव में आने-जाने वालों का तांता लगा रहा। जैसे ही शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाने लगा तो हर कोई रो पड़ा। इस दर्दनाक हादसे की वजह से आसपास के गांवों के लोग न सिर्फ शोक में डूबे रहे, बल्कि रात में उनके घरों के चूल्हे नहीं जले। उनका दर्द था कि यह सब कैसे हो गया। उम्मीद नहीं था कि ऐसा हो जाएगा। इसके बाद गंगा किनारे सभी शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक साथ छह शव जलते देख लोगों की आंखें नम हो गईं।
कड़ी सुरक्षा के बीच कराया गया अंतिम संस्कार
हादसे के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच शवों का अंतिम संस्कार गोकना गंगाघाट पर किया गया। हादसे से आक्रोशित होकर लोग कहीं भड़क न जाएं, इसको लेकर पुलिस सतर्क रही। थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक मनोज सिंह के अलावा दरोगा निखिलेश कुमार, सुनील सिंह, आनंद कुमार पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे।
एमएलसी ने परिवारीजनों को दी सांत्वना
सुबह से पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए नेताओं व लोगों का आना-जाना लगा रहा। सोमवार को सुबह एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह मीरा सवैया गांव पहुंचे। एमएलसी ने हादसे का शिकार हुए पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। इसके बाद वह रघुनाथपुर लबेदवा गांव गए और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया। इसके बाद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र द्विवेदी, ज्ञान बहादुर सिंह, सवैयाधनी इंटर कॉलेज के प्रबंधक राकेश कुमार मौर्य व शिवकरन तिवारी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।