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दो नाबालिग भाई 18 दिन से थाने में

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गौरीगंज। जिले की पुलिस का स्याह चेहरा एक बार फिर सामने आया है। एसपी व एएसपी के हस्तक्षेप के बावजूद जगदीशपुर कोतवाल ने दो नाबालिग सगे भाइयों को 18 दिन से थाने के लॉकअप में बंद कर रखा है। एक बच्चे की हत्या में नामजद इन आरोपियों का न चालान भेजा जा रहा है न ही उन्हें छोड़ा जा रहा है।
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थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी रहमत अली के दस वर्षीय पुत्र कैफ का शव बीते 11 मई को उनके ही घर की छत पर एक संदूक में मिला था। रहमत की तहरीर पर पुलिस ने उसकी पड़ोसी महिला और उसके 17 व 14 वर्ष के दो नाबालिग बच्चों के खिलाफ केस दर्ज किया था।


केस दर्ज करने के तत्काल बाद कोतवाल भारी दल बल के साथ आरोपी के घर पहुंचे और पांच लोगों को थाने ले आए। पांचों को पुलिस थाने के लॉकअप में बंद कर दिया। सूचना मिलने पर एसपी कुंतल किशोर तथा एएसपी बीसी दुबे के हस्तक्षेप पर पांचवें दिन बेटा-बहू व सातवें दिन महिला को छोड़ दिया।
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तब से अब तक 18 दिन बीत चुके हैं लेकिन दोनों नाबालिग लॉकअप में बंद हैं। पुलिस न इनका चालान कर रही है न ही इन्हें छोड़ रही है। नाबालिग बच्चों की मां ने एसपी को शिकायती पत्र देकर स्वयं व परिवार के सदस्यों के बेकसूर होने की बात कही। उसका कहना है कि पुलिस दोनों नाबालिग पुत्रों को प्रताड़ित भी कर रही है।


पुलिस अधीक्षक कुंतल किशोर ने दो नाबालिग को 18 दिन से लॉकअप में बंद किए जाने के संबंध में मौखिक जानकारी मिलने की बात स्वीकार की। एसपी ने कहा कि एएसपी को मामले की जांच दी गई है। जांच रिपोर्ट में आरोप की पुष्टि हुई तो एसएचओ के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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